यात्री वाहनों की थोक बिक्री फरवरी में 10.6 प्रतिशत बढ़ी: सियाम

Edited By Updated: 13 Mar, 2026 01:36 PM

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घरेलू यात्री वाहनों की थोक बिक्री फरवरी में सालाना आधार पर 10.6 प्रतिशत बढ़कर 4,17,705 इकाई हो गई। इस दौरान बाजार में सकारात्मक भावनाएं जारी रहीं लेकिन पश्चिम एशिया में युद्ध चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि इससे विनिर्माण एवं निर्यात प्रभावित हो...

नई दिल्लीः घरेलू यात्री वाहनों की थोक बिक्री फरवरी में सालाना आधार पर 10.6 प्रतिशत बढ़कर 4,17,705 इकाई हो गई। इस दौरान बाजार में सकारात्मक भावनाएं जारी रहीं लेकिन पश्चिम एशिया में युद्ध चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि इससे विनिर्माण एवं निर्यात प्रभावित हो सकते हैं। उद्योग संगठन सियाम ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। फरवरी 2025 में यात्री वाहनों की थोक बिक्री 3,77,689 इकाई रही थी। 

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के अनुसार, फरवरी में यात्री वाहनों की बिक्री में वृद्धि की मुख्य वजह यूटिलिटी वाहनों की मजबूत मांग रही। इनकी बिक्री 13.5 प्रतिशत बढ़कर 2,36,957 इकाई रही जबकि पिछले फरवरी 2025 में यह 2,08,795 इकाई थी। यात्री कारों की बिक्री 3.8 प्रतिशत घटकर 1,06,799 इकाई रह गई जो एक वर्ष पहले इसी अवधि में 1,10,966 इकाई थी। घरेलू बाजार में वैन की थोक बिक्री 1.1 प्रतिशत बढ़कर 11,620 इकाई रही जबकि फरवरी 2025 में यह 11,493 इकाई थी। सियाम के अनुसार, फरवरी में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री 35.2 प्रतिशत बढ़कर 18,71,406 इकाई हो गई जबकि फरवरी 2025 में यह 13,84,605 इकाई थी। 

मोटरसाइकिल की थोक बिक्री फरवरी में 30.8 प्रतिशत बढ़कर 10,96,537 इकाई हो गई जो एक वर्ष पहले इसी महीने 8,38,250 इकाई थी। इसी तरह स्कूटर की बिक्री 42.3 प्रतिशत बढ़कर 7,29,774 इकाई रही, जबकि फरवरी 2025 में यह 5,12,783 इकाई थी। इसके अलावा तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री 29 प्रतिशत बढ़कर 74,573 इकाई हो गई, जो एक वर्ष पहले इसी अवधि में 57,788 इकाई थी। सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा, ''उद्योग में सकारात्मक माहौल बना हुआ है, क्योंकि वर्ष 2026 में फरवरी महीने में तीनों श्रेणियों यात्री वाहन, दोपहिया और तिपहिया की बिक्री अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर रही और फरवरी 2025 की तुलना में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई।'' 

आगे की स्थिति पर उन्होंने कहा कि मार्च महीने में देश के कई हिस्सों में त्योहारी मांग का असर देखने को मिल सकता है लेकिन पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष चिंता का विषय बना हुआ है। इससे आपूर्ति शृंखला प्रभावित हो सकती है जिसका असर विनिर्माण प्रक्रिया और निर्यात पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि उद्योग भूराजनैतिक परिस्थितियों में हो रहे बदलावों पर नजर बनाए रखेगा।  

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