Edited By Pardeep,Updated: 13 Mar, 2026 11:42 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz क्षेत्र में करीब 5,000 अमेरिकी मरीन सैनिकों को तैनात करने का फैसला किया है। इस कदम से यह आशंका और बढ़ गई है कि अमेरिका जल्द ही जमीन पर सैनिक उतार सकता है।
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz क्षेत्र में करीब 5,000 अमेरिकी मरीन सैनिकों को तैनात करने का फैसला किया है। इस कदम से यह आशंका और बढ़ गई है कि अमेरिका जल्द ही जमीन पर सैनिक उतार सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने United States Central Command के अनुरोध को मंजूरी देते हुए एक मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट भेजने की अनुमति दी है। आमतौर पर इस यूनिट में कई युद्धपोत और लगभग 5,000 सैनिक शामिल होते हैं।

USS ट्रिपोली और मरीन यूनिट मिडिल ईस्ट की ओर रवाना
अधिकारियों के मुताबिक जापान में तैनात अमेरिकी युद्धपोत USS Tripoli (एम्फीबियस असॉल्ट शिप) अपने साथ मरीन सैनिकों को लेकर मिडिल ईस्ट की ओर रवाना हो चुका है। यह जहाज और इसके साथ मौजूद सैनिक पहले से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी मरीन बलों के साथ जुड़ेंगे। इस तैनाती का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री मार्गों पर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को मजबूत करना बताया जा रहा है।

युद्ध में बढ़ता अमेरिकी नुकसान
इस बीच ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिकी सेना को भी भारी नुकसान हुआ है। शुक्रवार तक इस संघर्ष में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा इराक में दुर्घटनाग्रस्त हुए एक अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान में सवार सभी छह सैनिकों की मौत की पुष्टि भी हो गई है। इससे युद्ध में अमेरिकी हताहतों की संख्या और बढ़ गई है।
ईरान के तेल केंद्र पर कब्जे की योजना पर विचार
रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप प्रशासन Kharg Island पर कब्जा करने की संभावना पर भी विचार कर रहा है। यह द्वीप Iran के तट से करीब 16 मील दूर Persian Gulf में स्थित है और यहां से ईरान के लगभग 90 प्रतिशत तेल निर्यात का संचालन होता है। ट्रंप ने Fox News रेडियो को दिए इंटरव्यू में कहा कि यह योजना फिलहाल प्राथमिकता में नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह किसी भी समय फैसला बदल सकते हैं।