क्रिप्टोकरेंसी पर RBI का सख्त रुख बरकरार, प्रतिबंध की ओर फिर बढ़े संकेत

Edited By Updated: 09 Jul, 2026 01:32 PM

rbi maintains a tough stance on cryptocurrency

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सख्त रुख  दिखाया है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, केंद्रीय बैंक अब भी क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर प्रतिबंध लगाने की ओर झुकाव रुखता है। वहीं कर विभाग ने आगाह किया है कि विदेशी एक्सचेंजों के...

नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सख्त रुख  दिखाया है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, केंद्रीय बैंक अब भी क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर प्रतिबंध लगाने की ओर झुकाव रुखता है। वहीं कर विभाग ने आगाह किया है कि विदेशी एक्सचेंजों के माध्यम से ट्रेडिंग पर नजर रखना मुश्किल है। 

दस्तावेजों से पता चलता है कि सरकार की प्रमुख एजेंसियां आभासी डिजिटल संपत्तियों पर कड़े प्रतिबंध लगाने का पक्ष ले रही हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने अब तक न तो इन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है और न ही इनके लिए व्यापक नियामक ढांचा लागू किया है।

आरबीआई ने क्रिप्टो करेंसी पर प्रतिबंध लगा दिया था। उसके बाद न्यायालय ने 2018 में इन प्रतिबंधों को रद्द कर दिया। इसके बाद देश में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर नीतिगत अस्पष्टता बनी हुई है। निजी क्रिप्टो करेंसी पर प्रतिबंध लगाने के लिए 2021 में तैयार किया गया मसौदा कानून कभी संसद में नहीं पेश किया जा सका। साथ ही इस मसले पर चर्चा पत्र बार बार टाला गया। 

सरकार का कहना है कि भविष्य की किसी भी नीति में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ जोखिम प्रबंधन, मौद्रिक संप्रभुता, वित्तीय स्थिरता और उपभोक्ताओं के हितों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक होगा।

सितंबर में आंतरिक चर्चा के बाद वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक से परामर्श के बाद आभासी संपत्तियों के लिए सीमित नियामक स्पष्टता का समर्थन किया और कहा कि मौजूदा कानून इस परिसंपत्ति से जुड़े जोखिम से निपट सकते हैं। वहीं नवीनतम दस्तावेज से संकेत मिलते हैं कि प्रमुख अधिकारी देश की वित्तीय स्थिरता के लिए बढ़ते जोखिमों के बारे में चिंतित हैं, क्योंकि स्पष्ट नियमों के बगैर क्रिप्टोकरेंसी कारोबार जारी है।

इस पूरे मामले पर वित्त मंत्रालय और आरबीआई ने आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। दूसरी ओर, अमेरिका में हालिया नीतिगत बदलावों के बाद वैश्विक स्तर पर क्रिप्टोकरेंसी को अधिक स्वीकार्यता मिल रही है। विशेष रूप से स्टेबलकॉइंस के उपयोग को बढ़ावा देने वाले नए कानूनों से इनके इस्तेमाल में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।

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