Edited By jyoti choudhary,Updated: 10 Jul, 2026 03:38 PM

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान विवाद के बावजूद भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को झूम उठा। सेंसेक्स 827.57 अंक चढ़कर 77,569.39 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 244.10 अंक की बढ़त के साथ 24,206.90 के स्तर पर बंद हुआ।
बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान विवाद के बावजूद भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को झूम उठा। सेंसेक्स 827.57 अंक चढ़कर 77,569.39 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 244.10 अंक की बढ़त के साथ 24,206.90 के स्तर पर बंद हुआ।
बीएसई सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से 28 शेयरों में तेजी रही। सिर्फ जोमैटो और भारती एयरटेल के शेयर दबाव में दिखे। सबसे ज्यादा बढ़त टीसीएस के शेयरों में करीब 3 फीसदी रही।
शेयर बाजार में तेजी की वजह?
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मजबूत तिमाही नतीजे रहे। बेहतर प्रदर्शन के बाद TCS के शेयरों में खरीदारी बढ़ी, जिसका असर पूरे आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। इंफोसिस, एचसीएल टेक, विप्रो समेत अन्य आईटी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी रही।
इसके अलावा एशियाई बाजारों में सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के शेयरों में तेजी का फायदा भी भारतीय बाजारों को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 4 फीसदी और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स करीब 2 फीसदी तक चढ़ा।
बाजार में निवेशकों की चिंता का संकेत देने वाला इंडिया VIX इंडेक्स भी करीब 6 फीसदी गिरकर 12.63 के स्तर पर आ गया, जिससे बाजार में भरोसा बढ़ा।
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी रही। ब्रेंट क्रूड करीब 0.45 फीसदी बढ़कर 76.64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इसके बावजूद वैश्विक तनाव और तेल कीमतों का दबाव भारतीय बाजार पर हावी नहीं हो पाया और मजबूत खरीदारी के चलते शेयर बाजार तेजी के साथ कारोबार करता रहा।