इक्विटी म्यूचुअल फंड में शुद्ध निवेश जून में 26% बढ़कर 28,973 करोड़ रुपए पर

Edited By Updated: 10 Jul, 2026 04:08 PM

net investment in equity mutual funds rose 26 to 28 973 crore in june

शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच इक्विटी यानी शेयर में निवेश से जुड़ी म्यूचुअल फंड योजनाओं में जून के दौरान शुद्ध निवेश 26 प्रतिशत बढ़कर 28,973 करोड़ रुपए रहा। म्यूचुअल फंड कंपनियों के संगठन एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी)

बिजनेस डेस्कः शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच इक्विटी यानी शेयर में निवेश से जुड़ी म्यूचुअल फंड योजनाओं में जून के दौरान शुद्ध निवेश 26 प्रतिशत बढ़कर 28,973 करोड़ रुपए रहा। म्यूचुअल फंड कंपनियों के संगठन एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। 

हालांकि, बॉन्ड आधारित योजनाओं से 1.09 लाख करोड़ रुपए की निकासी के कारण जून में म्यूचुअल फंड उद्योग से कुल 52,949 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी दर्ज की गई। यह मई में हुई 64,131 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी से कम रही। इस बीच, म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल प्रबंधन अधीन परिसंपत्ति (एयूएम) जून के अंत में बढ़कर 82.22 लाख करोड़ रुपए हो गईं, जो मई के अंत में 81.60 लाख करोड़ रुपए थीं। 

आंकड़ों के अनुसार, जून में इक्विटी योजनाओं में 28,973 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया, जबकि मई में यह 22,908 करोड़ रुपए था। इससे पहले अप्रैल में 38,440 करोड़ रुपए, मार्च में 40,450 करोड़ रुपए, फरवरी में 25,978 करोड़ रुपए और जनवरी में 24,028 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया था। इक्विटी श्रेणी में जून के दौरान 'मिडकैप फंड' में सबसे अधिक 6,090 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया। 

इसके बाद 'स्मॉलकैप फंड' में 5,602 करोड़ रुपए और 'फ्लेक्सीकैप फंड' में 5,231 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। वहीं, 'लार्जकैप फंड' में 2,067 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया। वहीं, डिविडेंड वाला फंड और इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ईएलएसएस) से जून के दौरान शुद्ध निकासी दर्ज की गई। इसके अलावा, जून में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में 3,443 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया, जबकि मई में इस श्रेणी से 725 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी हुई थी। 

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!