Edited By jyoti choudhary,Updated: 31 Jul, 2026 05:06 PM

Banking Sector: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सेक्टर और बड़े निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। RBI ने बैंकों को ‘बल्क डिपॉजिट’ (Bulk Deposits) पर डिफरेंशियल यानी अलग-अलग ब्याज दरें (Differential Interest Rates) देने की अनुमति दे दी...
Banking Sector: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सेक्टर और बड़े निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। RBI ने बैंकों को ‘बल्क डिपॉजिट’ (Bulk Deposits) पर डिफरेंशियल यानी अलग-अलग ब्याज दरें (Differential Interest Rates) देने की अनुमति दे दी है यानी समान अवधि (Tenure) की फिक्स्ड डिपॉजिट होने के बावजूद बैंक जमा रकम के आधार पर अलग ब्याज दर तय कर सकेंगे।
RBI ने लिया बड़ा फैसला
सेंट्रल बैंक ने 30 जुलाई को जारी एक नोटिफिकेशन में कहा कि यह नियम रुपए में डिपॉजिट अमाउंट और नॉन-रेसिडेंट इंडियन (NRI) की डिपॉजिट अमाउंट, दोनों पर लागू होगा। बल्क डिपॉज़िट के मुख्य नियम पहले जैसे ही रहेंगे। RBI ने स्पश्ट किया कि सभी ब्रांच और ग्राहकों के लिए ब्याज दरें एक जैसी होनी चाहिए और उनमें कोई भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। नोटिफ़िकेशन में यह भी कहा गया है कि सभी बैंकों को प्रतिदिन सुबह 10 बजे तक बल्क डिपॉज़िट पर ब्याज दरें बतानी होंगी, जिसके लिए 10 मिनट का ग्रेस पीरियड (अतिरिक्त समय) भी मिलेगा।
HDFC बैंक विवाद के बाद आया RBI का फैसला
RBI की ओर से यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है, जब हाल ही में देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank से जुड़ा एक मामला काफी चर्चा में रहा। बैंक पर आरोप लगा था कि उसने महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) से बल्क डिपॉजिट हासिल करने के लिए कथित तौर पर 'मार्केटिंग खर्च' के नाम पर 45 करोड़ रुपए का पेमेंट किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, HDFC बैंक ने MSRDC को उसके डिपॉजिट अमाउंट पर 6.01% ब्याज देने की पेशकश की थी। वहीं, बैंक के नॉर्मल सेविंग्स अकाउंट्स पर ब्याज दर 3.5% थी यानी MSRDC को मिलने वाली ब्याज दर और नॉर्मल कस्टमर्स को मिलने वाली ब्याज दर के बीच करीब 2.5% का अंतर था। इसी वजह से यह मामला विवादों में आ गया।
किसे कहते हैं बल्क डिपॉजिट?
भारतीय रिजर्व बैंक के मौजूदा गाइडलाइंस के तहत शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक में 3 करोड़ रुपए और उससे अधिक की सिंगल फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को ‘बल्क डिपॉजिट’ माना जाता है। रीजनल रूरल बैंक्स में 1 करोड़ और उससे अधिक की जमा राशि को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा जाता है। इनसे कम राशि की सभी जमाओं को ‘रिटेल डिपॉजिट’ (Retail Deposits) कहा जाता है।