Edited By jyoti choudhary,Updated: 29 Jul, 2026 12:49 PM

सरकारी और प्राइवेट बैंकों ने अपने ग्राहकों से मिनिमम बैलेंस के नाम पर 7,086.63 करोड़ रुपए पेनल्टी के तौर पर वसूल डाले। सरकार ने संसद में दी जानकारी में बताया कि वित्तवर्ष 2025-26 में प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने मिनिमम बैलेंस न होने की वजह से
बिजनेस डेस्कः सरकारी और प्राइवेट बैंकों ने अपने ग्राहकों से मिनिमम बैलेंस के नाम पर 7,086.63 करोड़ रुपए पेनल्टी के तौर पर वसूल डाले। सरकार ने संसद में दी जानकारी में बताया कि वित्तवर्ष 2025-26 में प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने मिनिमम बैलेंस मेंटेन न होने की वजह से ग्राहकों से 4,948.71 करोड़ रुपए वसूले। यह चार्ज सेविंग और करेंट अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने की वजह से लगाया गया है। सरकारी बैंकों ने भी इस दौरान जमकर वसूली की है और अपने ग्राहकों से 2,137.92 करोड़ रुपए वसूले।
चार्ज वसूलने में कौन सा बैंक आगे
राज्यसभा में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने आरबाआई के आंकड़ों का हवाल देते हुए कहा कि मिनिमम बैलेंस के नाम पर सबसे ज्यादा वसूली एचडीएफसी बैंक ने की है। एचडीएफसी बैंक ने पिछले वित्तवर्ष (2025-26) में ग्राहकों से कुल 1,798.14 करोड़ रुपए वसूले। दूसरे नंबर एक्सिस बैंक है, जिसने 1,081.33 करोड़ की वसूली की है। इससे पता चलता है कि प्राइवेट सेक्टर के 19 बैंकों ने जो राशि मिनिमम बैलेंस के तहत वसूली है, उसका 58 फीसदी यानी 2,879.47 करोड़ रुपए सिर्फ इन दोनों बैंकों ने वसूल लिए हैं। जनधन खातों से मिनिमम बैलेंस के नाम पर कोई वसूली नहीं गई है।
इसके अलावा ICICI बैंक ने 353.30 करोड़ रुपए, कोटक महिंद्रा बैंक ने 290.65 करोड़ रुपए, Yes बैंक ने ₹195.05 करोड़, IDBI बैंक ने 175.15 करोड़ रुपए की पेनाल्टी वसूली।
सरकारी बैंकों में SBI सबसे ऊपर
सभी 12 सरकारी बैंकों ने मिलकर कुल 2,137.92 करोड़ रुपए वसूले। इनमें सबसे ज्यादा रकम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 477.27 करोड़ रुपए। हालांकि सरकार ने साफ किया कि यह राशि करंट अकाउंट्स से संबंधित है, क्योंकि मार्च 2020 से SBI ने सेविंग अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस नहीं रखने की पेनाल्टी खत्म कर दी है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने 394.1 करोड़ रुपए और इंडियन बैंक (Indian Bank) ने ₹299.17 करोड़ की पेनाल्टी वसूली।