Edited By jyoti choudhary,Updated: 03 Aug, 2026 02:38 PM

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की बैठक सोमवार को शुरू हो गई। एमपीसी अपने फैसले की घोषणा पांच अगस्त यानी बुधवार को करेगी। वैश्विक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति से जुड़े जोखिमों के बने रहने के बीच अधिकतर...
मुंबईः भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की बैठक सोमवार को शुरू हो गई। एमपीसी अपने फैसले की घोषणा पांच अगस्त यानी बुधवार को करेगी। वैश्विक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति से जुड़े जोखिमों के बने रहने के बीच अधिकतर विशेषज्ञों का मानना है कि छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति के बावजूद सतर्क रुख अपनाएगी। समिति द्वारा नीतिगत रेपो दर में कोई बदलाव नहीं करने की उम्मीद की जा रही है।
रिजर्व बैंक ने जून में अपनी प्रमुख नीतिगत रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा था और पश्चिम एशिया में संघर्ष के प्रभाव का आकलन करने के लिए स्थिति के अनुसार कदम उठाने का रुख अपनाया था। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति का अनुमान 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया था। इसका मुख्य कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि का पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर असर पड़ने से लागत बढ़ना बताया गया था।
आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का अनुमान भी अप्रैल में जताए गए 6.9 प्रतिशत के अनुमान से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया था। केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा पांच अगस्त को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के फैसलों की घोषणा करेंगे।