छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत, PhonePe, Paytm और BharatPe के लिए अब एक ही साउंडबॉक्स

Edited By Updated: 18 May, 2026 06:27 PM

relief for shopkeepers now a single soundbox for phonepe paytm bharatpe

भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और आसान बनाने की दिशा में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) एक नई तकनीक पर काम कर रही है, जो छोटे दुकानदारों और रिटेल कारोबारियों के लिए बड़ा बदलाव ला सकती है। इस प्रस्तावित “इंटरऑपरेबल साउंडबॉक्स सिस्टम” के...

बिजनेस डेस्कः भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और आसान बनाने की दिशा में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) एक नई तकनीक पर काम कर रही है, जो छोटे दुकानदारों और रिटेल कारोबारियों के लिए बड़ा बदलाव ला सकती है। इस प्रस्तावित “इंटरऑपरेबल साउंडबॉक्स सिस्टम” के तहत अब एक ही डिवाइस पर सभी UPI ऐप्स के पेमेंट अलर्ट सुनाई दे सकेंगे।

इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद दुकानदारों को अलग-अलग ऐप्स जैसे PhonePe, Paytm या BharatPe के लिए अलग-अलग साउंडबॉक्स रखने की जरूरत नहीं होगी। अभी तक कई दुकानदार हर पेमेंट ऐप के लिए अलग क्यूआर कोड और अलग डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं, जिससे लागत और प्रबंधन दोनों बढ़ जाते हैं।

एक ही डिवाइस पर मिलेगा कन्फर्मेशन अलर्ट 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए सिस्टम के तहत दुकानदार किसी भी UPI क्यूआर कोड को एक ही साउंडबॉक्स से जोड़ सकेंगे। इसका मतलब यह होगा कि ग्राहक किसी भी ऐप से भुगतान करें, कन्फर्मेशन अलर्ट एक ही डिवाइस से मिलेगा। इससे न केवल व्यवस्था सरल होगी, बल्कि हर महीने लगने वाला किराया और मेंटेनेंस खर्च भी कम हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव छोटे व्यापारियों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा, खासकर उन दुकानों के लिए जहां रोजाना बड़ी संख्या में लेनदेन होते हैं। भीड़भाड़ वाले बाजारों में साउंडबॉक्स तुरंत पेमेंट कन्फर्मेशन देकर धोखाधड़ी की संभावना भी कम करता है।

1400 करोड़ का लेनदेन दुकानों पर

आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में देश में करीब 2200 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन हुए, जिनमें से लगभग 1400 करोड़ लेनदेन सीधे दुकानों पर किए गए। यह दर्शाता है कि भारत में डिजिटल भुगतान कितनी तेजी से बढ़ रहा है और साउंडबॉक्स जैसे उपकरण अब जरूरी हिस्सा बन चुके हैं।

इस नए मॉडल में दुकानदार को केवल एक बार किसी भी पेमेंट ऐप के साथ अपना साउंडबॉक्स रजिस्टर करना होगा। इसके बाद वह सभी क्यूआर कोड को उसी सिस्टम से जोड़ सकेगा।

डिजिटल भुगतान विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह मानक लागू होता है, तो यह भारतीय डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम को अधिक एकीकृत, किफायती और उपयोगकर्ता-अनुकूल बना देगा। यह कदम छोटे व्यापारियों के लिए डिजिटल पेमेंट अपनाने को और भी आसान बना सकता है।
 

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