RBI का बड़ा फैसला, मनी चेंजर्स के लिए नए लाइसेंस पर लगाई रोक

Edited By Updated: 07 May, 2026 12:46 PM

rbi s major decision ban imposed on new licenses for money changers

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) लेनदेन करने वाली संस्थाओं के लिए नए नियम लागू किए हैं। नए नियमों के तहत अब नए “फुल फ्लेज्ड मनी चेंजर्स” (FFMC) को लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे।

बिजनेस डेस्कः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) लेनदेन करने वाली संस्थाओं के लिए नए नियम लागू किए हैं। नए नियमों के तहत अब नए “फुल फ्लेज्ड मनी चेंजर्स” (FFMC) को लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि फॉरेक्स सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और नियमों के पालन को आसान बनाने के लिए अधिकृत संस्थाओं के मौजूदा ढांचे की समीक्षा की गई है। इसके तहत “प्रिंसिपल-एजेंट मॉडल” का विस्तार किया जाएगा, ताकि जांच-परख के बाद बेहतर विदेशी मुद्रा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

RBI के अनुसार, विदेशी मुद्रा से जुड़ा कोई भी लेनदेन करने के लिए संस्थाओं को उसकी मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। साथ ही अधिकृत डीलरों की अलग-अलग श्रेणियों के नियमों को दोबारा तय किया गया है।

तीन कैटेगरी में होंगे आवेदन

नियमों के मुताबिक, नई मंजूरी के लिए आवेदनों पर तीन कैटिगरी में विचार किया जाएगा। 
AD Category-I: बैंक आवेदन कर सकेंगे।
AD Category-II: ऐसे NBFC, FFMC या फॉरेक्स एजेंट आवेदन कर सकेंगे जो कम से कम 2 साल से काम कर रहे हों और पिछले दो वित्तीय वर्षों में उनका औसत वार्षिक फॉरेक्स कारोबार 50 करोड़ रुपए रहा हो।
AD Category-III: विदेशी मुद्रा से जुड़े नए और इनोवेटिव प्रोडक्ट्स एवं सेवाएं देने वाली संस्थाएं शामिल होंगी।

30 अप्रैल को जारी अधिसूचना में RBI ने स्पष्ट किया है कि अब नए FFMC लाइसेंस के लिए आने वाले आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

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