Edited By jyoti choudhary,Updated: 26 Aug, 2026 11:00 AM

देश में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2026 में बैंकों ने नेट 12.6 लाख नए क्रेडिट कार्ड जोड़े। यह जून के मुकाबले 11.5 फीसदी अधिक है। वहीं, क्रेडिट कार्ड से खर्च भी सालाना आधार पर...
मुंबईः देश में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2026 में बैंकों ने नेट 12.6 लाख नए क्रेडिट कार्ड जोड़े। यह जून के मुकाबले 11.5 फीसदी अधिक है। वहीं, क्रेडिट कार्ड से खर्च भी सालाना आधार पर 7.4 फीसदी बढ़कर 2.08 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया।
जुलाई में क्रेडिट कार्ड से लेनदेन की संख्या 24.5 फीसदी बढ़कर 60.53 करोड़ हो गई। हालांकि, लेनदेन की संख्या में बढ़ोतरी खर्च की तुलना में काफी ज्यादा रही। इसके चलते प्रति लेनदेन औसत खर्च करीब 14 फीसदी घटकर 3,440 रुपए रह गया। इससे संकेत मिलता है कि ग्राहक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अब ज्यादा बार लेकिन छोटी रकम के भुगतान के लिए कर रहे हैं।
HDFC Bank ने सबसे ज्यादा कार्ड जोड़े
जुलाई में नए क्रेडिट कार्ड जोड़ने के मामले में HDFC Bank सबसे आगे रहा। बैंक ने 2,30,067 कार्ड जोड़े, जबकि जून में यह आंकड़ा 1,63,511 था। SBI Card 1,83,076 नए कार्ड के साथ दूसरे और ICICI Bank 1,70,156 कार्ड के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
इसके अलावा Federal Bank ने 1,08,492, IDFC First Bank ने 82,723, Axis Bank ने 70,091, Kotak Mahindra Bank ने 64,617 और RBL Bank ने 26,915 कार्ड जोड़े। वहीं, IndusInd Bank बड़े कार्ड जारीकर्ताओं में अकेला बैंक रहा, जिसके कार्ड की संख्या 9,397 घट गई।
एक साल में 1.1 करोड़ कार्ड बढ़े
पिछले एक साल में देश में करीब 1.1 करोड़ क्रेडिट कार्ड जोड़े गए हैं। इससे कुल क्रेडिट कार्ड की संख्या 12.29 करोड़ हो गई है, जो सालाना आधार पर 9.9 फीसदी की वृद्धि है। पिछले एक साल में HDFC Bank ने सबसे ज्यादा 21 लाख कार्ड जोड़े। इसके बाद ICICI Bank ने 16.4 लाख और SBI Card ने 15 लाख कार्ड जोड़े।
सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी बढ़ी
क्रेडिट कार्ड खर्च में सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी भी बढ़ी है। जुलाई में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल कार्ड खर्च सालाना आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 46,159 करोड़ रुपए हो गया। इससे उद्योग के कुल खर्च में उनकी हिस्सेदारी करीब 22.2 फीसदी पहुंच गई।
वहीं, निजी क्षेत्र के बैंकों का क्रेडिट कार्ड खर्च 2.8 फीसदी बढ़कर 1.50 लाख करोड़ रुपए रहा। इससे कुल क्रेडिट कार्ड खर्च में निजी बैंकों की हिस्सेदारी घटकर करीब 72.1 फीसदी रह गई।