Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Sep, 2026 11:44 AM

भारत में डिजिटल पेमेंट का चलन लगातार बढ़ रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 22
नई दिल्लीः भारत में डिजिटल पेमेंट का चलन लगातार बढ़ रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 24.51 अरब हो गई। इस दौरान UPI के जरिए हुए लेनदेन का कुल मूल्य भी करीब 20 प्रतिशत बढ़कर 29.82 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया।
अगस्त में UPI ने औसतन हर दिन करीब 79.1 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए। वहीं, रोजाना लेनदेन का औसत मूल्य करीब 96,205 करोड़ रुपए रहा।
जुलाई के मुकाबले भी बढ़ा UPI ट्रांजैक्शन
जुलाई 2026 में UPI के जरिए 23.66 अरब लेनदेन हुए थे, जबकि कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू 29.88 लाख करोड़ रुपए रही थी। इस दौरान रोजाना औसतन करीब 76.3 करोड़ लेनदेन प्रोसेस किए गए और दैनिक औसत ट्रांजैक्शन वैल्यू करीब 96,383 करोड़ रुपए रही।
IMPS ट्रांजैक्शन में भी तेजी
NPCI के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में तत्काल फंड ट्रांसफर सिस्टम IMPS के जरिए करीब 36 करोड़ लेनदेन हुए। इन लेनदेन का कुल मूल्य 7.04 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है। अगस्त में IMPS के जरिए रोजाना औसतन 1.161 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जबकि दैनिक औसत लेनदेन मूल्य करीब 22,701 करोड़ रुपए रहा।
एक दशक में UPI का जबरदस्त विस्तार
UPI ने पिछले एक दशक में डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार किया है। एक आधिकारिक फैक्टशीट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2016-17 में UPI के जरिए सिर्फ करीब 2 करोड़ लेनदेन हुए थे। वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 24,162 करोड़ से अधिक हो गया यानी सालाना ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में करीब 12,000 गुना वृद्धि हुई है।
इसी अवधि में UPI के जरिए होने वाले वार्षिक लेनदेन का मूल्य 0.07 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर करीब 314 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो 4,000 गुना से ज्यादा की वृद्धि है।
11 देशों में पहुंचा UPI
UPI भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति का अहम हिस्सा बन चुका है। फिलहाल UPI को 11 देशों में स्वीकार किया जा रहा है। ग्रीस और मालदीव इसके हालिया अपनाने वाले देशों में शामिल हैं। इसके अलावा भूटान, नेपाल, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, श्रीलंका, मॉरीशस और कतर में भी UPI के जरिए सीमा पार डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
उज्बेकिस्तान में भी बढ़ेगा UPI का इस्तेमाल
NPCI की अंतरराष्ट्रीय शाखा NIPL ने उज्बेकिस्तान की राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली HUMO के ऑपरेटर National Interbank Processing Centre JSC (NIPC) के साथ एक व्यावसायिक समझौता किया है। इसके तहत भारतीय यात्री अपने UPI ऐप से उज्बेकिस्तान के राष्ट्रीय इंटरऑपरेबल QR कोड UZQR को स्कैन कर देशभर में व्यापारियों को तत्काल भुगतान कर सकेंगे। इस साझेदारी से भारतीय यात्रियों के लिए उज्बेकिस्तान में डिजिटल भुगतान आसान होगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर UPI का विस्तार भी आगे बढ़ेगा।