Edited By jyoti choudhary,Updated: 29 Apr, 2026 05:27 PM

खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लिमिटेड का जनवरी-मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 89 प्रतिशत उछलकर 9,352 करोड़ रुपए हो गया। वैश्विक धातु कीमतों में तेजी, बिक्री मात्रा में वृद्धि और रुपए की कमजोरी से यह लाभ बढ़ा है। पिछले वर्ष की समान तिमाही...
नई दिल्लीः खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लिमिटेड का जनवरी-मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 89 प्रतिशत उछलकर 9,352 करोड़ रुपए हो गया। वैश्विक धातु कीमतों में तेजी, बिक्री मात्रा में वृद्धि और रुपए की कमजोरी से यह लाभ बढ़ा है। पिछले वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 4,961 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया था। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 29 प्रतिशत बढ़कर 51,524 करोड़ रुपए हो गई, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 39,789 करोड़ रुपए थी।
वेदांता ने एक बयान में कहा कि राजस्व में वृद्धि का कारण लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) कीमतों में मजबूती, उच्च बिक्री, प्रीमियम और विदेशी मुद्रा में लाभ रहा। आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 19,119 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 13,702 करोड़ रुपए था। वेदांता के कार्यकारी निदेशक अरुण मिश्रा ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के लिए 'मजबूत निष्पादन' का साल रहा, जिसमें विभिन्न व्यवसाय खंडों में रिकॉर्ड परिचालन प्रदर्शन दर्ज किया गया।
कंपनी ने वित्त वर्ष के दौरान 14,918 करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय किया। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी का सकल कर्ज 81,740 करोड़ रुपए और शुद्ध कर्ज 53,254 करोड़ रुपए था। वेदांता ने बताया कि उसके विभिन्न व्यवसायों के विभाजन की प्रक्रिया एक मई 2026 से प्रभावी हो जाएगी। इसके तहत एल्युमिनियम, बिजली, तेल एवं गैस और लौह अयस्क कारोबार को अलग-अलग सूचीबद्ध इकाइयों में विभाजित किया जाएगा।