Edited By jyoti choudhary,Updated: 25 Apr, 2026 12:53 PM

वित्त वर्ष 2026 में भारत के आईटी सेक्टर में हायरिंग का ट्रेंड बदलता नजर आया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते फोकस के चलते बड़ी आईटी कंपनियां अब अपने ऑपरेशन्स को री-स्ट्रक्चर कर रही हैं और नई भर्ती को लेकर सतर्क हो गई हैं। टॉप कंपनियों
बिजनेस डेस्कः वित्त वर्ष 2026 में भारत के आईटी सेक्टर में हायरिंग का ट्रेंड बदलता नजर आया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते फोकस के चलते बड़ी आईटी कंपनियां अब अपने ऑपरेशन्स को री-स्ट्रक्चर कर रही हैं और नई भर्ती को लेकर सतर्क हो गई हैं। टॉप कंपनियों—Tata Consultancy Services, Infosys, HCLTech, Wipro और Tech Mahindra में कुल कर्मचारियों की संख्या 7,389 घट गई, जो वित्त वर्ष 2025 में हुई 12,718 कर्मचारियों की मामूली बढ़ोतरी के बिल्कुल उलट थी।
सबसे बड़ा झटका तब लगा जब टीसीएस ने करीब 12,000 कर्मचारियों की छंटनी का फैसला किया, जो हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट छंटनी में से एक है। इसके चलते टॉप पांच कंपनियों की कुल हायरिंग नेगेटिव में चली गई, हालांकि कुछ कंपनियों ने सीमित बढ़ोतरी भी दर्ज की।
तिमाही आंकड़ों में इंफोसिस के कर्मचारियों की संख्या में 8,440 की कमी आई, जबकि टीसीएस में भी गिरावट रही। दूसरी ओर HCLTech और Wipro ने मामूली बढ़ोतरी दर्ज की, जबकि Tech Mahindra में कर्मचारियों की संख्या घटी।
Nasscom के अनुसार, पूरे आईटी सेक्टर में FY26 के दौरान सिर्फ करीब 2,000 नई नौकरियां जुड़ीं, जो धीमी हायरिंग का संकेत है। हालांकि कुल वर्कफोर्स 2.3% बढ़कर 59.5 लाख हो गई।
आगे की रणनीति में कंपनियां अब AI, क्लाउड, डेटा और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में स्किल्ड प्रोफेशनल्स पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। TCS ने FY27 में करीब 25,000 नई भर्तियों की योजना बनाई है, जो पिछले वर्षों के मुकाबले कम है, जबकि Infosys लगभग 20,000 लोगों को नौकरी देने का लक्ष्य बनाए हुए है।
कुल मिलाकर, आईटी सेक्टर में अब “क्वालिटी ओवर क्वांटिटी” का ट्रेंड साफ दिख रहा है, जहां कंपनियां बड़े पैमाने पर भर्ती के बजाय स्किल-आधारित और जरूरत के हिसाब से हायरिंग कर रही हैं।