Edited By jyoti choudhary,Updated: 12 Jun, 2026 05:18 PM

विश्व बैंक ने अनुमान जताया है कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2026-27 में घटकर 6.6 प्रतिशत रह सकती है। पिछले साल ये 7.7 प्रतिशत थी। हालांकि, वृद्धि दर में गिरावट के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। 'वैश्विक...
बिजनेस डेस्कः विश्व बैंक ने अनुमान जताया है कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2026-27 में घटकर 6.6 प्रतिशत रह सकती है। पिछले साल ये 7.7 प्रतिशत थी। हालांकि, वृद्धि दर में गिरावट के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। 'वैश्विक आर्थिक संभावनाएं' रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा, ''ऊर्जा की ऊंची कीमत और कच्चे माल की लागत के कारण निजी मांग में कमी आने के कारण वृद्धि दर धीमी पड़ने का अनुमान है।''
रिपोर्ट में कहा गया है कि माल एवं सेवा कर (GST) की दरों में कटौती से उपभोक्ता मांग को कुछ हद तक सहारा मिल सकता है। विश्व बैंक ने ये भी उम्मीद जताई है कि वित्त वर्ष 2027-28 में देश अर्थव्यवस्था एक बार फिर 7.2 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल कर लेगी। विश्व बैंक ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव से जुड़ी अनिश्चितता के बावजूद इस साल की भारत में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहीं, जिसे घरेलू मांग से समर्थन मिला।
विश्व बैंक ने कहा, ''अमेरिका के टैरिफ में कमी और मुक्त व्यापार समझौता (FTA) लागू होने की उम्मीद से संघर्ष के कारण बाहरी मांग खासकर निर्यात पर पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिल सकती है।''
रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू मांग में मजबूती और निर्यात वृद्धि में तेजी से अगले दो वित्त वर्ष में वृद्धि दर के फिर से बढ़ने की उम्मीद है। दक्षिण एशियाई क्षेत्र में वृद्धि दर 2026 में घटकर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।