Edited By jyoti choudhary,Updated: 20 Jun, 2026 11:05 AM

भारत-UK के बीच हुए कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) से भारतीय टेक्सटाइल और परिधान उद्योग को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। इंडस्ट्री के जानकारों का अनुमान है कि एक्सपोर्ट वॉल्यूम में डबल-डिजिट ग्रोथ होगी और समय के साथ UK के...
बिजनेस डेस्कः भारत-UK के बीच हुए कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) से भारतीय टेक्सटाइल और परिधान उद्योग को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। इंडस्ट्री के जानकारों का अनुमान है कि एक्सपोर्ट वॉल्यूम में डबल-डिजिट ग्रोथ होगी और समय के साथ UK के टेक्सटाइल मार्केट में भारत की हिस्सेदारी तीन गुना बढ़कर 10-15% हो जाएगी।
भारत और UK ने घोषणा की है कि यह व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होगा। इसके तहत भारत के 99% निर्यात उत्पादों को UK में शून्य शुल्क (Zero Duty) का लाभ मिलेगा। खास तौर पर टेक्सटाइल, परिधान, चमड़ा और फुटवियर उद्योग को बड़ा फायदा होगा, क्योंकि इन पर लगने वाला 12% तक का आयात शुल्क समाप्त हो जाएगा।
इंडियन टेक्सप्रेन्योर्स फेडरेशन (ITF) के कन्वेनर और सेक्रेटरी प्रभु दामोदरन ने कहा, "भारत-UK FTA भारतीय निर्यातकों के लिए समान प्रतिस्पर्धी माहौल तैयार करेगा। वैश्विक खरीदार अपने सोर्सिंग स्रोतों में विविधता ला रहे हैं, जिससे भारत को अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का अच्छा मौका मिलेगा। हमें निकट भविष्य में दोहरे अंकों की वृद्धि की उम्मीद है और समय के साथ UK के बाजार में भारत की हिस्सेदारी 10-15% तक बढ़ने की संभावना है।"
भारत ने FY26 में UK को लगभग 1.8 बिलियन डॉलर मूल्य के कपड़े और होम टेक्सटाइल का निर्यात किया, जो बाजार का लगभग 5% हिस्सा है। UK के बिज़नेस और ट्रेड विभाग का अनुमान है कि इस समझौते के बाद भारत से आयात में लगभग 2.9 अरब पाउंड की बढ़ोतरी होगी। कपड़ों के इंपोर्ट में £475 मिलियन (45%), टेक्सटाइल में £175 मिलियन (40%) और फ़ुटवियर में £55 मिलियन (30%) की बढ़ोतरी का अनुमान है।
प्रतिस्पर्धा में मिलेगा बड़ा फायदा
कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (CITI) के चेयरमैन अश्विन चंद्रन ने कहा कि UK मार्केट में बांग्लादेश जैसे कॉम्पिटिटर्स की तुलना में भारतीय टेक्सटाइल और कपड़ों के एक्सपोर्टर्स को अब तक ड्यूटी के मामले में नुकसान उठाना पड़ रहा था। CETA लागू होने के बाद भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध होंगे, जिससे UK में उनकी मांग बढ़ेगी।
ब्रोकरेज फ़र्म ICICI सिक्योरिटीज ने कहा कि FTA भारत को बांग्लादेश और वियतनाम के बराबर ला खड़ा करेगा, साथ ही कई अन्य बड़े एक्सपोर्ट करने वाले देशों के मुकाबले कॉम्पिटिटिव फ़ायदा भी देगा।