स्नेह मिलन कार्यक्रम में दिखी राजस्थानी संस्कृति की मनमोहक झलक

Edited By Updated: 13 Oct, 2025 10:32 PM

fascinating glimpse of rajasthani culture was seen in the sneh milan programme

राजस्थान सभा ट्राइसिटी न्यू चंडीगढ़ की ओर से पी.यू. के कम्युनिटी सैंटर में किया गया भव्य आयोजन

चंडीगढ़ : पंजाब यूनिवर्सिटी के कम्युनिटी हाल में रविवार शाम राजस्थानी संस्कृति के नाम रही। मंच पर राजस्थानी वेषभूषा में सजे कलाकारों ने खूब समां बांधा। मौका था  राजस्थान सभा ट्राईसिटी, न्यू चंडीगढ़ की ओर से आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम का। बच्चों से लेकर बड़ों तक की परफार्मैंस ने उप​स्थित लोगों का मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में राजस्थान के नीम का थाना सीकर से विशेष रूप से बुलाए गए हलवाइयों द्वारा पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन दाल, बाटी, चूरमा का स्वाद सभी अतिथियों को परोसा गया, जो कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रहा।

पी.जी.आई. के सीनियर डॉक्टर रहे मौजूद
राजस्थान सभा के मुख्य संरक्षक प्रो. राजेश विजयवर्गीय (कार्डियोलॉजी विभाग) एवं सह संरक्षक प्रो. सुनील गाबा (प्लास्टिक सर्जरी विभाग) सहित राजस्थान से जुड़े समस्त फैकल्टी सदस्यों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई तथा इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में हरियाणा सरकार में श्रम आयुक्त आई.ए.एस. मनीराम शर्मा, चंडीगढ़ के पूर्व मेयर अरुण सूद, सुरेंद्र सिंह सारण, विनोद कुमावत, राजस्थान परिषद चंडीगढ़ के अध्यक्ष राज किशोर जी, राजस्थान परिवार चंडीगढ़ के अध्यक्ष भेरू गिरी अपने पदाधिकारियों सहित उपस्थित रहे।

बच्चों से लेकर बड़ों तक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम में प्रवासी राजस्थानी परिवारों की महिलाओं एवं बच्चों ने राजस्थानी और हिंदी गानों पर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित सभी अतिथियों ने खूब सराहा। इसी अवसर पर राजस्थान सभा ट्राइसिटी से जुड़े परिवारों के होनहार एवं उत्कृष्ट बच्चों को उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में राजस्थान सभा के प्रधान सत्यवीर सिंह डागर, वरिष्ठ उपप्रधान विजय कुमार, उपप्रधान किशोर कुमार सैनी, महासचिव प्रेम मालव, सहायक सचिव सहीराम, कोषाध्यक्ष सुंदर लाल चाहर, उपकोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार, आयोजन सचिव श्याम बाबू शर्मा एवं कार्यालय सचिव भवानी सिंह यादव सहित संपूर्ण समिति सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

परंपराओं को जीवंत रखना लक्ष्य : डागर
अंत में प्रधान सत्यवीर सिंह डागर ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान सभा का मुख्य उद्देश्य राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखना तथा समाज के कल्याण हेतु सतत कार्य करते रहना है।

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