Edited By Tanuja,Updated: 17 Feb, 2026 02:16 PM

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करने ढाका पहुंचे। BNP की भारी जीत के बाद सत्ता में वापसी हुई। संविधान सुधार परिषद को लेकर शपथ पर राजनीतिक मतभेद भी सामने आए।
International Desk: बांग्लादेश की नवनिर्वाचित सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष Om Birla मंगलवार को ढाका पहुंचे । इस सरकार का नेतृत्व Tarique Rahman कर रहे हैं, जिनकी पार्टी Bangladesh Nationalist Party ने हालिया आम चुनावों में प्रचंड जीत हासिल की है। ढाका हवाईअड्डे पर ओम बिरला का स्वागत बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के सचिव नज़रुल इस्लाम ने किया। भारत के उच्चायोग के अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे, जो सत्ता परिवर्तन के इस क्षण के क्षेत्रीय महत्व को दर्शाता है।
इस बीच भूटान के प्रधानमंत्री Tshering Tobgay भी नए मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने ढाका पहुंचे। उन्हें विदेश सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने हज़रत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर रिसीव किया। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ओम बिरला की मौजूदगी भारत-बांग्लादेश के बीच गहरी और स्थायी मित्रता को रेखांकित करती है और दोनों देशों को जोड़ने वाले लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराती है।12 फरवरी को हुए आम चुनावों में BNP-नेतृत्व वाले गठबंधन ने 300 सदस्यीय संसद में 212 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया। दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया के पुत्र तारिक रहमान 17 वर्षों के निर्वासन के बाद सत्ता में लौटे हैं। विपक्ष की भूमिका में Jamaat-e-Islami 77 सीटों के साथ उभरी है।
छात्र संगठनों और नागरिक समूहों ने इसे “नया बांग्लादेश” बताते हुए लोकतांत्रिक बदलाव की उम्मीद जताई है। हालांकि शपथ ग्रहण के दिन संविधान सुधार परिषद को लेकर विवाद भी सामने आया। BNP सांसदों ने केवल सांसद के रूप में शपथ ली, जबकि संविधान सुधार परिषद के सदस्य के रूप में शपथ लेने से इनकार किया। पार्टी का कहना है कि मौजूदा संविधान में ऐसी किसी परिषद का प्रावधान नहीं है और इस पर संसद में व्यापक चर्चा जरूरी है। इसके विपरीत, विपक्षी दलों ने जनमत संग्रह के निर्देश का हवाला देते हुए दोहरी शपथ ली।इसी दौरान पाकिस्तान के योजना एवं विकास मंत्री अहसान इक़बाल चौधरी ने अंतरिम मुख्य सलाहकार Muhammad Yunus से मुलाकात की। इससे स्पष्ट है कि ढाका में हो रहे सत्ता परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की गहरी नजर बनी हुई है।