Edited By Tanuja,Updated: 17 Feb, 2026 05:46 PM

ईरान ने जेनेवा में अमेरिका के साथ दूसरे दौर की परमाणु वार्ता शुरू होते ही स्ट्रेट ऑफ होरमुज में लाइव मिसाइल दागकर तनाव बढ़ा दिया। अमेरिका ने क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है। ट्रंप ने चेतावनी दी डील नहीं तो गंभीर नतीजे होंगे।
International Desk: ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम पर दूसरे दौर की वार्ता शुरू होते ही पश्चिम एशिया में तनाव तेज हो गया। वार्ता के साथ-साथ ईरान ने Strait of Hormuz की ओर लाइव मिसाइल दागकर शक्ति प्रदर्शन किया। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, जहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है। ईरानी मीडिया और अर्ध-सरकारी Tasnim News Agency के मुताबिक, ईरान की तटरेखा और अंदरूनी इलाकों से दागी गई मिसाइलें अपने लक्ष्यों पर लगीं। यह अभ्यास ऐसे समय हुआ है जब जेनेवा में अमेरिका-ईरान की अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान को समझौता करना होगा, वरना उसे “डील न करने के नतीजों” का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने दावा किया कि पहले समझौता हो सकता था, लेकिन ईरान की जिद के चलते अमेरिका को B-2 बमवर्षकों से ईरानी परमाणु क्षमता पर हमला करना पड़ा।ईरान की ओर से वार्ता का नेतृत्व विदेश मंत्री Abbas Araghchi कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान निष्पक्ष और सम्मानजनक समझौते के लिए तैयार है, लेकिन दबाव और धमकियों के आगे झुकाव स्वीकार्य नहीं।इस बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है।
अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford और USS Abraham Lincoln को पहले ही तैनात किया जा चुका है। खाड़ी देशों ने चेताया है कि किसी भी सैन्य टकराव से पूरा क्षेत्र एक और बड़े संघर्ष की ओर बढ़ सकता है। ईरान का साफ कहना है कि किसी भी परमाणु समझौते की शर्तों में अमेरिकी-नेतृत्व वाले कड़े आर्थिक प्रतिबंधों में ढील शामिल होनी चाहिए। तेहरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, जबकि अमेरिका इसे हथियार बनाने से रोकने पर अड़ा है।