सरकार किसानों की आवाज न संसद में उठाने दे रही है और न सड़क पर : दीपेंद्र

Edited By Updated: 22 Jul, 2021 09:57 PM

government is not allowing farmers to raise their voices in parliament

‘संसद के बाहर विजय चौक पर किसानों की आवाज उठाने के बीच में रोकने पर जताई नाराजगी’

चंडीगढ़, (बंसल): राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने आज लगातार तीसरे दिन भी कांग्रेस और विपक्ष की तरफ से देश के किसानों के मुद्दे पर अविलम्ब चर्चा के लिए काम रोको प्रस्ताव दिया, जिसे पुन: राज्यसभा सभापति ने अस्वीकार कर दिया और सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी। इसके बाद सांसद दीपेंद्र हुड्डा संसद के बाहर आए और मीडिया के सामने अपनी बात कहने लगे, जिस पर पुलिस ने बीच में ही रोक-टोक शुरू कर दी। इस पर दीपेंद्र हुड्डा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ये कैसी सरकार है जो किसानों की आवाज न संसद में उठाने दे रही न सड़क पर। 

 


दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि ये बहुत गंभीर विषय है। हम भारत के संविधान से कायम संसद के सदस्य हैं। उस रूप में हमें भारत देश के हर नागरिक, जिसमें भारत के किसान भी शामिल हैं की आवाज संसद के अंदर और संसद के बाहर भी उठाने का अधिकार है, लेकिन क्या सरकार पुलिस भेजकर हमसे ये पूछेगी कि हम किसानों की आवाज क्यों उठा रहे हैं? दीपेंद्र हुड्डा ने इसे नागरिक अधिकारों के साथ ही बतौर सांसद विशेषाधिकार का हनन बताते हुए सरकार से सवाल किया कि क्या सरकार देश को पुलिस स्टेट की ओर ले जाना चाहती है? उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितनी भी पुलिस लगा ले, हम किसानों की आवाज दबने नहीं देंगे, हम इस लड़ाई को लड़ते रहेंगे।


भारत के कृषि मंत्री के बयान पर दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार पहले किसानों की मांगों को खारिज कर रही है और फिर जले पर नमक छिड़कते हुए बातचीत करने की बात कह रही है। दीपेंद्र हुड्डा ने मांग की कि सरकार खुले दिल से किसानों से बात करे और उनकी मांगों को माने। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को जो बात सुननी चाहिए वो तो नहीं सुन रही और जो बात नहीं सुननी चाहिए वो सुनने में पूरा समय लगा रही है।
 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!