26 असिस्टैंट प्रोफैसरों की नियुक्ति पर फिर रोक

Edited By Updated: 19 Jan, 2020 09:14 AM

restriction on appointment of 26 assistant professors again

पी.यू. में 26 असिस्टैंट प्रोफैसरों की नियुक्ति  के मामले पर फिर रोक लग गई है। अब इन पदों को लेकर दोबारा विज्ञापन निकाले जाएंगे और रोस्टर के हिसाब से पदों को भरा जाएगा।

चंडीगढ़(रश्मि) : पी.यू. में 26 असिस्टैंट प्रोफैसरों की नियुक्ति के मामले पर फिर रोक लग गई है। अब इन पदों को लेकर दोबारा विज्ञापन निकाले जाएंगे और रोस्टर के हिसाब से पदों को भरा जाएगा। पहले इन पदों को भरने के लिए विज्ञापन निकाले गए, लेकिन अब इसे कैंसिल कर दिया गया है। 

हाल ही में पी.यू. के वी.सी. की ओर से सीनेटर राजेश गिल, रजत संधीर, नवदीप गोय, जी.आर. चौधरी और अशोक गोयल की हाई लैवल की कमेटी गठित की गई थी। कमेटी की सिफारिशों के तहत पहले 3 पदों और बाद में 6 पदों को भरने क ा फैसला लिया था। इनमें कुछ पदों के लिए साक्षात्कार भी ले लिए गए थे और स्क्रीनिंग भी कर दी गई थी। 

वी.सी. प्रो. राजकुमार ने कहा कि इन 9 पदों पर रिजर्वेशन का कोई असर नहीं था। अब फिर यह मान्य नहीं हुए। सिंडीकेट की बैठक में अब सभी पदों को भरने के लिए फिर से विज्ञापन निकाला जाएगा। गत अगस्त हाऊस ने रोस्टर कमेटी को इन पदों को भरने के लिए पहले से आगामी 31 जनवरी तक के लिए निर्देश दे दिए हैं। अब उम्मीद है कि 31 जनवरी तक इन पदों के लिए रोस्टर फाइनल हो जाएगा। एम.एस.सी. फॉरैंसिक साइंस एंड क्राईमोनोलॉजी विभाग में 

एन.आर.आई. स्टूडैंट्स की फीस :
बढ़ाने के मुद्दे पर मोहर लग गई। फीस 2860 यू.एस.डी. रखी गई है। बता दें कि दिसम्बर 2019 में सिंडीकेट के  चुनावों में चयनित किए गए नए सदस्यों की यह पहली बैठक थी।

नए सदस्यों की नियुक्ति के लिए भी किया अधिकृत :
पी.यू. में जो भी रैगुलेशन कमेटियां बनाई जाएंगी, उनको प्रो. नवदीप गोयल और सीनेटर अशोक गोयल ही निर्धारित करेंगे कि उनमें कौन-कौन होगा। बोर्ड ऑफ फाईनैंस से सिंडीकेट के दो सदस्य के नामों का चयन, विभिन्न कमेटियों में नियुक्ति, ज्वाइंट कंस्लटेटिव मशीनरी (जे.सी.एम.) के लिए सिंडीकेट की 

बैठक में नए सदस्यों की नियुक्ति भी प्रो. नवदीप गोयल और सीनेटर अशोक गोयल को ही अथोराईज किया गया है। सत्र 2020 में सीनेट के होने वाले चुनावों के लिए रजिस्ट्रार के द्वारा जो एंट्रीज की जाएगी उस पर किसी इलैक्टर की एंट्री पर ऑबजैक्शन होने पर तीन सदस्यीय कमेटी भी प्रो. नवदीप गोयल और  सीनेटर अशोक गोयल बनाएंगे। 

सीनेटर रविंद्र नाथ ने डाइसैंट लिया वापस :
पी.यू. में मिनिस्ट्रीयल और सैके्रट्रीएट-पे के मुद्दे पर चर्चा हुई। इस सैंसटिव मुद्दे पर पंजाब सरकार से फिर से अपील की जाएगी कि कर्मचारियों की सैके्रट्रीएट-पे फिर से शुरू की जाए। सीनेटर रविंद्र नाथ ने पहले इसे दोबारा शुरू  करने पर अपना डाइसैंट दिया था। 

उन्होंने कहा कि एक तो पहले ही पंजाब से बहुत कम ग्रांट मिलती है। कहीं सैके्रट्रीएट पे के नाम और ग्रांट में और कटौती न कर दी जाए, लेकिन बाद में हाऊस में कर्मचारियों को दी जाने वाली सैके्रट्रीएट पे बंद न होने पर सहमति बनी। इसके बाद सीनेटर नाथ ने भी अपना डाइसैंट वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि जब हाऊस की सहमति है तो मुझे कोई एतराज नहीं है। 

पेपर का मामला कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन पर छोड़ा :
एस.डी. कॉलेज का पेपर दोबारा होगा या नहीं यह अब कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन पर निर्भर करता है। इस दौरान चर्चा हुई कि सीनेटर डी.पी.एस. रंधावा ने एस.डी. कॉलेज के डॉ. कपिल देव द्वारा सैट किए गए बी.कॉम के कॉस्ट एकाऊंटिंग के पेपर के बारे में कहा कि पी.यू. प्रबंधन की ओर से एक प्रोफैसर को 24 घंटे में पेपर सैट करने के लिए कहा जाता है और प्रोफैसर इतने ही समय में पेपर सैट भी कर देते हैं।

अब पी.यू. को देखना है उन्हें यह पेपर कहां पर प्रयोग करना है। यह आरोप किसी प्रोफैसर पर लगाना कि उन्होंने पेपर जानबूझ कर दो बार स्टूडैंट्स को दिया है यह गलत है। यह पेपर लीक नहीं हुआ है। 

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