Baglamukhi Jayanti 2026: शत्रुओं पर विजय और संकटों से मुक्ति दिलाएंगी मां पीताम्बरा, 24 अप्रैल को बन रहा है अद्भुत संयोग

Edited By Updated: 23 Apr, 2026 09:51 AM

baglamukhi jayanti 2026

Baglamukhi Jayanti 2026: 24 अप्रैल को है बगलामुखी जयंती। जानें मां पीताम्बरा को प्रसन्न करने के उपाय, पूजा का शुभ मुहूर्त, मंत्र और शत्रुओं पर विजय पाने की विशेष विधि।

Baglamukhi Jayanti 2026: हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं की साधना का विशेष महत्व है, जिनमें आठवीं महाविद्या मां बगलामुखी को शत्रुओं का नाश करने वाली और स्तंभन की देवी माना जाता है। वर्ष 2026 में मां बगलामुखी की जयंती 24 अप्रैल, शुक्रवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मां बगलामुखी का प्राकट्य हुआ था। इन्हें 'पीताम्बरा' भी कहा जाता है क्योंकि इन्हें पीला रंग अत्यंत प्रिय है।

Baglamukhi Jayanti 2026

24 अप्रैल को ही क्यों है जयंती? नोट करें शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि का प्रारंभ 23 अप्रैल 2026 को रात 08:49 बजे से होगा और इसका समापन 24 अप्रैल 2026 को शाम 07:21 बजे होगा। उदयातिथि की मान्यता के कारण जयंती 24 अप्रैल को ही मनाई जाएगी।

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:19 से 05:03 तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:53 से दोपहर 12:46 तक (यह समय पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ है)।

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मां पीताम्बरा की पूजा विधि
बगलामुखी जयंती के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद पीले रंग के वस्त्र धारण करें और पूजा प्रारंभ करें। इस दिन की पूजा में मुख पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। इसके बाद पूजा में जितना हो सके पीले रंग को शामिल करें। जैसे मां का आसन पीले रंग का रखें, मां को वस्त्र पीले रंग के पहनाएं, पूजा में पीले रंग का फूल शामिल करें, फल पीले रंग के शामिल करें इत्यादि। विधिवत रूप से पूजा आदि करने के बाद अपनी यथाशक्ति के अनुसार दान दें। बहुत से लोग इस दिन व्रत भी करते हैं। ऐसे में जिन लोगों को बगलामुखी जयंती के दिन व्रत रखना होता है वो इस दिन रात के समय फलाहार भोजन कर सकते हैं। इसके बाद अगले दिन स्नान आदि करने के बाद पूजा की जाती है और इसके बाद ही आप भोजन ग्रहण कर सकते हैं।  

मंत्र जाप: हल्दी की माला से माता के बीज मंत्र का जाप करें। इस मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करने से मां बगलामुखी प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को सभी दुख और बाधाओं से मुक्त करती हैं। 

मां पीताम्बरा के शक्तिशाली मंत्र: "ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय, जिह्वाम् कीलय, बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा"।

मां बगलामुखी की साधना करने वाला साधक सर्वशक्ति सम्पन्न हो जाता है। यह मंत्र विधा अपना कार्य करने में सक्षम है। बगलामुखी कवच का पाठ करके इस मंत्र का सही विधि द्वारा जाप किया जाए तो निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होती है।

मां पीताम्बरा को उनके भक्त विभिन्न रुपों में प्रेम करते हैं जैसे तांत्रिकों के लिए ये स्तंभन की देवी हैं। गृहस्थों के लिए सभी परेशानियों का नाश करने वाली ममतामयी मां हैं। यदि आपको शत्रुओं पर विजय प्राप्त करनी है या वाकसिद्ध और वाद-विवाद में सफलता चाहते हैं अथवा जीवन की हर बाधा को काटना है तो आज के दिन अवश्य मां का ध्यान करें।  

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