मुख्यमंत्री ने पटियाला में गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब में टेका माथा

Edited By Updated: 14 Apr, 2025 07:56 AM

chief minister bhagwant mann

पटियाला/चंडीगढ़/जालंधर (राजेश, रमनजीत, धवन): मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में नतमस्तक होकर प्रदेशवासियों की पूर्ण नम्रता और समर्पण भाव से सेवा करने के लिए ईश्वर से आशीर्वाद मांगा।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

पटियाला/चंडीगढ़/जालंधर (राजेश, रमनजीत, धवन): मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में नतमस्तक होकर प्रदेशवासियों की पूर्ण नम्रता और समर्पण भाव से सेवा करने के लिए ईश्वर से आशीर्वाद मांगा। उन्होंने गुरुद्वारा साहिब में अरदास करते हुए जाति, रंग, नस्ल और धर्म से ऊपर उठकर सभी नागरिकों की सेवा करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई ताकि एक सौहार्दपूर्ण समाज की स्थापना की जा सके। उन्होंने देश-विदेश में बसे समस्त पंजाबियों को पंजाब, पंजाबियत और विविधता में एकता के प्रतीक ‘खालसा पंथ के साजना दिवस’ और ‘बैसाखी’ के पावन अवसर पर शुभकामनाएं दीं। 

बैसाखी के इस शुभ दिन पर मुख्यमंत्री ने राज्य में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भी प्रार्थना की। उन्होंने दुनिया भर में बसे पंजाबियों को बधाई देते हुए उन्हें इस पर्व की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि 1699 में इस पवित्र दिन दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने विभिन्न क्षेत्रों और धर्मों से संबंध रखने वाले ‘पांच प्यारे’ को अमृत पान करवाकर पवित्र श्री आनंदपुर साहिब में ‘खालसा पंथ’ की स्थापना की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दशम गुरु ने जात-पात रहित समाज की नींव रखी और मानवता के लिए प्रेम, करुणा, शाश्वत शांति और भाईचारे का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक पर्व को पारंपरिक उत्साह और उमंग के साथ सामूहिक रूप से मनाएं ताकि हमारे देश की धर्मनिरपेक्ष सामाजिक संरचना को और अधिक मजबूती मिल सके।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!