Edited By Sarita Thapa,Updated: 05 Oct, 2026 12:04 PM

हिंदू धर्म में इंदिरा एकादशी का बहुत खास महत्व है। पितृ पक्ष के दौरान आने वाली एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। साल 2026 में इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर, मंगलवार को रखा जाएगा।
Indira Ekadashi 2026 : हिंदू धर्म में इंदिरा एकादशी का बहुत खास महत्व है। पितृ पक्ष के दौरान आने वाली एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। साल 2026 में इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर, मंगलवार को रखा जाएगा। ऐसी मान्यता है कि यदि पूर्वज या पितृ जाने-अनजाने में किए गए पापों के कारण यमलोक या नरक की यातनाएं भोग रहे हैं, तो इस दिन विधि-विधान से व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करने और उस व्रत का फल पितरों को समर्पित करने से उन्हें तुरंत मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस बार इंदिरा एकादशी का दिन खास माना जा रहा है, क्योंकि 6 अक्टूबर को एक साथ चार शुभ योगों का संयोग बन रहा है। तो आइए जानते हैं इंदिरा एकादशी के दिन बनने वाले शुभ योगों के बारे में-
इंदिरा एकादशी पर बनेंगे 4 शुभ योग
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06 बजकर 17 बजे से रात 10 बजकर 17 मिनट तक।
सिद्ध योग: प्रातःकाल से शुरू होकर सुबह 07 बजकर 20 मिनट तक ।
साध्य योग: सुबह 07 बजकर 20 मिनट के बाद शुरू होगा और 7 अक्टूबर को सुबह 05:00 बजे तक।
शुभ योग: साध्य योग के समाप्त होने के बाद शुरू होगा और व्रत के समापन/पारण तक।

पितरों की मुक्ति के लिए भगवान विष्णु की पूजा विधि
एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और हाथ में जल व तुलसी दल लेकर भगवान विष्णु और अपने पितरों का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
घर के मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र को पीले वस्त्र पर स्थापित करें। उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं या जल से छींटे दें। इसके बाद पीले फूल, गोपी चंदन, तुलसी पत्र और पीले फल अर्पित करें।
एकादशी के दिन दोपहर के समय भगवान विष्णु के साथ-साथ अपने दिवंगत पितरों का ध्यान करते हुए तिल, जल और कुशा से तर्पण करें।
भगवान विष्णु के समक्ष बैठकर इंदिरा एकादशी की व्रत कथा सुनें या पढ़ें। "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
पूजा के अंत में हाथ जोड़कर प्रार्थना करें और ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, तिल और फल का दान दें तथा गाय को हरा चारा व रोटी खिलाएं।

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