Edited By Sarita Thapa,Updated: 05 Oct, 2026 01:29 PM

एकादशी व्रत को लेकर अक्सर लोगों के में यह सवाल रहता है कि व्रत वाले दिन से एक रात पहले भोजन करना चाहिए या नहीं। खासकर जो लोग पहली बार एकादशी का व्रत रखने जा रहे हैं, उनके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि व्रत से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
Indira Ekadashi Fasting Rules : एकादशी व्रत को लेकर अक्सर लोगों के में यह सवाल रहता है कि व्रत वाले दिन से एक रात पहले भोजन करना चाहिए या नहीं। खासकर जो लोग पहली बार एकादशी का व्रत रखने जा रहे हैं, उनके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि व्रत से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। माना जाता है कि एकादशी व्रत केवल दिनभर भोजन न करने का नाम नहीं है, बल्कि इसमें खान-पान के साथ मन और आचरण की शुद्धता पर भी जोर दिया जाता है। तो आइए जानते हैं कि एकादशी के दिन भोजन करना चाहिए या नहीं करना चाहिए।
क्या एकादशी से एक रात पहले खाना खा सकते हैं?
अगर आप इंदिरा एकादशी का व्रत रखने वाले हैं तो एक दिन पहले यानी दशमी तिथि की रात सामान्य भोजन किया जा सकता है। हालांकि, धार्मिक नियमों में दशमी की रात से ही सात्विक और हल्का भोजन करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान मांसाहार, शराब, तामसिक भोजन और अधिक मसालेदार चीजों से दूरी रखना बेहतर माना जाता है। कई लोग दशमी तिथि की रात भोजन जल्दी कर लेते हैं, ताकि अगले दिन एकादशी व्रत में किसी तरह की परेशानी न हो। इसलिए ऐसा नहीं है कि एकादशी व्रत रखने वाले व्यक्ति को पिछली रात से ही भोजन पूरी तरह छोड़ देना चाहिए।

दशमी तिथि से रखें खान-पान का ध्यान
एकादशी व्रत की तैयारी दशमी तिथि से ही शुरू मानी जाती है। रात में जरूरत से ज्यादा खाना खाने से अगले दिन व्रत के दौरान परेशानी हो सकती है। इसलिए हल्का और सुपाच्य भोजन करना उचित रहता है। भोजन में सात्विक चीजों को शामिल करें और पेट भरने के बजाय संतुलित मात्रा में भोजन करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार दशमी तिथि से ही मन को भगवान विष्णु की भक्ति में लगाने और गलत विचारों से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए। वाणी और व्यवहार में भी संयम रखना व्रत की भावना का हिस्सा माना जाता है।
एकादशी के दिन क्या खाएं?
व्रत की परंपरा व्यक्ति की श्रद्धा और स्वास्थ्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। कुछ लोग निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कई लोग फलाहार या सात्विक आहार लेकर व्रत करते हैं। फल, दूध, दही, मखाना, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना और कुट्टू जैसी व्रत में मान्य चीजों का सेवन किया जाता है। अगर किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है या लंबे समय तक भूखा रहना मुश्किल है, तो बिना भोजन किए व्रत रखने के बजाय अपनी स्थिति के अनुसार फलाहार करना अधिक उचित हो सकता है।

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