Kundli Tv- क्या है इस मंदिर के अद्भुत शालिग्राम का रहस्य

Edited By Updated: 02 Sep, 2018 04:56 PM

is the secret of the wonderful shaligram of this temple

आज हम आपको एेसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते होंगे। इस मंदिर में स्थापित शालिग्राम पिंडी इसके रहस्य का कारण है।

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आज हम आपको एेसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते होंगे। इस मंदिर में स्थापित शालिग्राम पिंडी इसके रहस्य का कारण है। आपको बता दें शालिग्राम एक प्रकार का जीवाश्म पत्थर है, जिसका प्रयोग परमेश्वर के प्रतिनिधि के रूप में भगवान का आह्वान करने के लिए किया जाता है। शालीग्राम आमतौर पर पवित्र नदी की किनारों से एकत्र किया जाता है। शिव भक्त पूजा करने के लिए शिवलिंग के रूप में लगभग गोल या अंडाकार शालिग्राम का उपयोग करते हैं। ये शंख की तरह चमकीले होते हैं। शालिग्राम को भगवान विष्णु का रूप माना है। वैष्णव इनकी पूजा करते हैं। कहते हैं कि एक पूर्ण शालिग्राम में भगवाण विष्णु के चक्र की आकृति अंकित होती है।
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बिहार में एक मंदिर स्थित है, जिसमें शालिग्राम पिंडी स्थापित है। कहते हैं कि लगभग 200 साल पहले नेपाल नरेश जंग बहादुर ने इसे भेंट किया था।

कलश पर रखा रहस्यमयी शालिग्राम की पिंडी
तब इस शालिग्राम पिंडी का आकार मटर के दाने से कुछ बड़ा था। इसे लाकर यहां बावली किनारे मंदिर के गर्भगृह में रख दिया गया। आज पिंडी का आकार नारियल से दो गुना बड़ा है। अभी भी इसका आकार लगातार बढ़ ही रहा है। यहां के लोग इसे ज़िंदा शालिग्राम मानते हैं। वैज्ञानिकों ने भी पिंडी के आकार बढ़ने को लेकर स्टडी की, पर आकार बढ़ने के पीछे का रहस्य नहीं खुल पाया।
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बावली के किनारे हैं मंदिर, बिड़ला समूह ने दिखाई थी रूचि
मंदिर के किनारों पर एक बावली है। मंदिर की ख्याति के चलते बिड़ला समूह इस मंदिर का जीर्णोद्धार कर विकास करना चाहता था। लेकिन तब मंदिर बनाने वाले हलवाइयों के परिजनों ने बिड़ला के प्रस्ताव का विरोध कर दिया। बावली के किनारों पर और भी मंदिर हैं। मंदिर काफी पुराने हो चुके हैं। शालिग्राम की पिंडी के दर्शन के लिए दूर-दूर तक के श्रद्धालु यहां आते हैं।
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क्या होता है शालिग्राम
शालिग्राम दुर्लभ किस्म के चिकने और आकार में बहुत छोटे पत्थर होते हैं। ये शंख की तरह चमकीले होते हैं। शालिग्राम को भगवान विष्णु का रूप माना है। वैष्णव इनकी पूजा करते हैं। ये रंग में भूरे, सफ़ेद या फिर नीले हो सकते हैं। आमतौर पर शालिग्राम नेपाल के काली गंडकी नदी के तट पर पाए जाते हैं। कहते हैं कि एक पूर्ण शालिग्राम में भगवाण विष्णु के चक्र की आकृति अंकित होती है।
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