Edited By Niyati Bhandari,Updated: 24 May, 2026 12:22 PM

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बदलाव के साथ अब उन पुराने मामलों पर भी तेजी दिखने लगी है, जो वर्षों से विवाद और संवेदनशीलता के कारण अटके हुए थे।
नई दिल्ली (विशेष): पश्चिम बंगाल की राजनीति में बदलाव के साथ अब उन पुराने मामलों पर भी तेजी दिखने लगी है, जो वर्षों से विवाद और संवेदनशीलता के कारण अटके हुए थे।
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनैशनल एयरपोर्ट परिसर में मौजूद 136 साल पुरानी गौरीपुर जामा मस्जिद को हटाने या दूसरी जगह शिफ्ट करने की प्रक्रिया फिर चर्चा में आ गई है। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी, जिला प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं और बकरीद के बाद इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
यह सिर्फ मस्जिद या एयरपोर्ट का मामला नहीं, बल्कि बंगाल की बदलती राजनीति का संकेत भी माना जा रहा है।
भाजपा लंबे समय से सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात करती रही है। अब राज्य और केंद्र की सोच एक दिशा में दिखाई देने से कई पुराने विवादित प्रोजैक्ट्स में तेजी आ सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक मस्जिद एयरपोर्ट की बाऊंड्री वॉल से करीब 150 मीटर अंदर और सैकेंडरी रनवे से सिर्फ 165 मीटर की दूरी पर स्थित है। दावा है कि मस्जिद की वजह से सैकेंडरी रनवे का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा।