Edited By Sarita Thapa,Updated: 31 Aug, 2026 01:16 PM

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सम्मान में शास्त्री स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ मिलकर एक पौधा लगाया।
Lal Bahadur Shastri legacy : इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सम्मान में शास्त्री स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ मिलकर एक पौधा लगाया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि शास्त्री का ‘जय जवान, जय किसान’ का कालजयी नारा पीढ़ियों को प्रेरित करता रहा है और जीवन सादगी, साहस और देश के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक था।” भारत के दूसरे प्रधानमंत्री शास्त्री का 11 जनवरी, 1966 को उज्बेक राजधानी में अचानक निधन हो गया था; यह घटना 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध को समाप्त करने वाले ऐतिहासिक ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही घंटों बाद हुई थी।
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