Edited By Niyati Bhandari,Updated: 17 Jul, 2026 12:46 PM

उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मुस्लिम धर्म प्रचारक मौलाना जर्जिस अंसारी भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान के बाद एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके बयान का विभिन्न हिंदू संगठनों ने विरोध किया है और कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।
इटावा (एजैंसी): उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मुस्लिम धर्म प्रचारक मौलाना जर्जिस अंसारी भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान के बाद एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके बयान का विभिन्न हिंदू संगठनों ने विरोध किया है और कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी झारखंड में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान यह दावा करते हुए दिखाई दे रहे हैं कि भगवान श्रीकृष्ण ‘मुसलमान थे और पांचों वक्त नमाज पढ़ते थे।’
उन्होंने अपने संबोधन में श्रीमद् भागवत गीता के छठे अध्याय के एक श्लोक की अपनी व्याख्या प्रस्तुत करते हुए ध्यान और साधना की तुलना नमाज से की। वीडियो में उन्होंने भगवान श्रीराम के संबंध में भी इसी प्रकार के दावे किए हैं। इस बयान के सामने आने के बाद हिंदू संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है।
विश्व हिंदू परिषद के इटावा जिला अध्यक्ष अमित दीक्षित ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ संगठन कानूनी कार्रवाई करेगा। मौलाना जर्जिस अंसारी पूर्व में भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। उनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में अलग-अलग समय पर भड़काऊ भाषणों और अन्य मामलों में मुकद्दमे दर्ज होने की जानकारी सामने आती रही है।