दिल्ली में भारी तनाव: 20 दिन से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती

Edited By Updated: 18 Jul, 2026 08:28 AM

sonam wangchuk taken to hospital from jantar mantar

देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन (भूख हड़ताल) पर बैठे लद्दाख के मशहूर पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को लेकर आज सुबह एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली पुलिस अचानक वांगचुक को विरोध स्थल से उठाकर...

Sonam Wangchuk hospitalised : देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन (भूख हड़ताल) पर बैठे लद्दाख के मशहूर पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को लेकर आज सुबह एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली पुलिस अचानक वांगचुक को विरोध स्थल से उठाकर अस्पताल ले गई जहां उन्हें भर्ती कराया गया है। 

वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के तुरंत बाद जंतर-मंतर पर भारी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवानों और सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों द्वारा 20 जुलाई 2026 को संसद भवन तक किए जाने वाले प्रस्तावित मार्च से ठीक दो दिन पहले हुई है जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

PunjabKesari

उनकी हालत और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की परिस्थितियों के बारे में और जानकारी का इंतज़ार है। इस बीच शुक्रवार देर रात कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर विरोध स्थल पर वांगचुक पर हमला किया गया।

शुक्रवार को उनके स्वास्थ्य के आंकड़ों से पता चला कि उनका वज़न 56.55 किलोग्राम था जो 24 घंटों में 350 ग्राम कम हुआ था। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. सतीश लांबा के अनुसार, उनका ब्लड प्रेशर 108/68, ब्लड शुगर 70 mg/dL और पल्स रेट 72 प्रति मिनट दर्ज किया गया। शुक्रवार को कई विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर पर वांगचुक से मुलाकात की और उनके प्रति एकजुटता ज़ाहिर करते हुए उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। 

यह भी पढ़ें: दिल दहलाने वाली खबर: एक ही घर से मिले परिवार के 5 लोगों के शव, पास में मिलीं रहस्यमयी...

उनसे मिलने वालों में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, NCP (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले, SP सांसद डिंपल यादव, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे शामिल थे।

PunjabKesari

UBT सेना के नेता उद्धव ठाकरे ने वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर केंद्र की आलोचना की और इसे सबसे असंवेदनशील सरकार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्टिविस्ट की लंबी भूख हड़ताल के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर कोई प्रतिक्रिया देने में नाकाम रही है। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने भी केंद्र से अपील की कि वह वांगचुक से बातचीत करे और उनकी मांगों पर विचार करे, साथ ही छात्रों और अभिभावकों से एक्टिविस्ट का समर्थन करने का आग्रह किया।

यह भी पढ़ें: Tattoo Alert: सावधान, टैटू बनवाने का शौक कहीं पड़ न जाए महंगा, प्राइवेट पार्ट में गंभीर संक्रमण से खुला HIV का राज

गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि भूख हड़ताल के दौरान वांगचुक की मेडिकल स्थिति की रोज़ाना क्लिनिकल निगरानी की जाए। कोर्ट ने कहा कि हर नागरिक की ज़िंदगी कीमती है और सरकारी अधिकारियों को उसे बचाने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि सरकारी डॉक्टरों की राय के आधार पर ज़रूरी मेडिकल मदद दी जाए। ये निर्देश चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीज़न बेंच ने वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताने वाली एक जनहित याचिका (PIL) का निपटारा करते हुए दिए।

PunjabKesari

लद्दाख के इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और क्लाइमेट एक्टिविस्ट वांगचुक जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वे NEET पेपर लीक विवाद समेत देश भर में परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। उन्होंने और उनके समर्थकों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए 20 जुलाई को संसद तक मार्च करने का भी ऐलान किया था।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!