Edited By Sarita Thapa,Updated: 30 Sep, 2026 03:00 PM

अमृतसर-आत्म कल्याण तथा समाज सुधार हित समर्पित राष्ट्र संत वाचनाचार्य मनोहर मुनि महाराज के जन्म शताब्दी वर्ष शुभारम्भ पर विराट सर्व धर्म सद्भाव संगम फार एस. मॉडर्न स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित किया।
जालंधर (सचिन): अमृतसर-आत्म कल्याण तथा समाज सुधार हित समर्पित राष्ट्र संत वाचनाचार्य मनोहर मुनि महाराज के जन्म शताब्दी वर्ष शुभारम्भ पर विराट सर्व धर्म सद्भाव संगम फार एस. मॉडर्न स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित किया। कार्यक्रम के दिशानिर्देशक भारत संत गौरव पीयूष मुनि महाराज ने कहा कि गुरुदेव उच्च कोटि के दार्शनिक विद्वान, आशु कवि, महान साहित्यकार, अद्वितीय प्रवचनकार, अनथक समाजसुधारक, रचनात्मक प्रयासों से सुसंस्कारी और आदर्श महापुरुष थे। विश्व में विभिन्न मजहब को अपने सिद्धान्तों, मान्यताओं, परम्पराओं से इंसान को मुक्ति-शांति का मार्ग बताते थे।
मजहब के नाम पर लड़ने-झगड़ने से सद्गति के द्वार बंद हो जाते हैं तथा दुर्गति निश्चित हो जाती है। धर्म आत्मा है और संप्रदाय उसका कलेवर है। धर्म रूपी आत्मा के निकल जाने पर सम्प्रदाय रूप कलेवर ईर्ष्या - द्वेष तथा वैमनस्य की दुर्गंध फैलाता है।
इस संगम में निर्मल संप्रदाय प्रमुख स्वामी ज्ञानदेव सिंह, नामधारी संप्रदाय प्रमुख सतगुरु उदय सिंह, पंचायती अखाड़ा महामंडलेश्वर स्वामी राजेश्वरानन्द, कृष्ण प्रणामी संप्रदाय स्वामी श्यामानन्द, बाबा श्री निर्मल दास (जोड़े वाले), स्वामीवीर सिंह हितकारी, महामंडलेश्वर स्वामी मनकामनेश्वर गिरि, ब्रह्मकुमारी ऊषा दीदी , बाबा रणजीत सिंह, मौलाना कोकब मुजतबा, महंत स्वतंत्र देव आदि ने पूज्यपाद महाविभूति मनोहर मुनि की जन्म शताब्दी पर सभी धर्मगुरुओं की सामूहिक उपस्थिति को वर्तमान परिस्थितियों में समाज को जोड़ने तथा आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में विचार रखे।
उन्होंने कहा कि हिंसा, नफरत, द्वेष, अशांति की ज्वाला में झुलस रहे संसार को शांति के पथ पर चलना होगा ताकि सभी का उद्वार होगा। इस सुअवसर पर प्रतिभा जैन द्वारा 33 दिवसीय व्रतों की तपस्या करने पर उनका विशेष अभिनन्दन किया। श्री अरिहंत विकास जैन ने सभी का सम्मान किया। अनिला जैन ने धर्मध्वजा को फहराया। प्रीतिभोज मंगतराम जैन बबी सर्राफ ने दिया। इस मौके पर प्रधान वीरेन्द्र जैन, महासचिव तरुण जैन, कोषाध्यक्ष राजेश जैन आदि मौजूद थे।
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