Sri Sri Ravi Shankar: केन्या के राष्ट्रपति और कांगो की पीएम की मौजूदगी में गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने दिया वैश्विक शांति, अर्थव्यवस्था और AI पर विशेष संदेश

Edited By Updated: 23 Sep, 2026 11:45 AM

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Sri Sri Ravi Shankar: न्यूयॉर्क में सेमाफोर के 'द नेक्स्ट 3 बिलियन' सम्मेलन में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर ने वैश्विक नेताओं के सामने शांति, समृद्धि, AI और युवा उद्यमिता पर विचार रखे। पढ़ें पूरी खबर...

Sri Sri Ravi Shankar: आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने न्यूयॉर्क में आयोजित सेमाफोर (Semafor) के प्रतिष्ठित ‘द नेक्स्ट 3 बिलियन’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि विश्व में शांति के बिना आर्थिक समृद्धि का सपना कभी साकार नहीं हो सकता। अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के ठीक एक दिन बाद आयोजित इस वैश्विक सत्र में राष्ट्राध्यक्षों, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रमुखों और वैश्विक उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया।

इस सम्मेलन में केन्या के राष्ट्रपति विलियम सामोई रुटो, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य की प्रधानमंत्री जूडिथ सुमिनवा, विश्व व्यापार संगठन (WTO) की महानिदेशक डॉ. न्गोजी ओकोंजो-इवेला और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा जैसे दिग्गज नेता शामिल रहे।

आंतरिक कल्याण से जुड़ी है आर्थिक उन्नति
सेमाफोर के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जस्टिन बी. स्मिथ के साथ विशेष संवाद में गुरुदेव ने कहा कि आर्थिक विकास को इंसान के आंतरिक कल्याण से अलग करके नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा, “समृद्धि शांति के साथ आती है। यदि शांति नहीं होगी, तो समृद्धि भी नहीं हो सकती।”

'पीड़ित मानसिकता' छोड़नी होगी, समाज में जागे सहानुभूति
अमीर और गरीब के बीच बढ़ती खाई पर चिंता व्यक्त करते हुए गुरुदेव ने कहा कि यह समस्या अमेरिका सहित लगभग हर देश में मौजूद है। उन्होंने कहा कि वंचित वर्ग को 'पीड़ित मानसिकता' से बाहर निकलकर अपने विकास की जिम्मेदारी स्वयं उठानी होगी। वहीं, संसाधन संपन्न वर्ग को सहानुभूति और साझा करने की भावना को फिर से अपनाना होगा। उन्होंने भ्रष्टाचार को वैश्विक दक्षिण (Global South) के देशों में संसाधनों के सही वितरण न होने का मुख्य कारण बताया।

भारत के 500 युवाओं के मॉडल की अफ्रीका में धूम
संबोधन के दौरान गुरुदेव ने भारत के ग्रामीण क्षेत्र का उदाहरण दिया, जहां 500 बेरोजगार युवाओं ने शुरू में निराशा के कारण 200 सरकारी योजनाओं को ठुकरा दिया था। दो महीने के विशेष प्रशिक्षण से उनमें उद्यमिता (Entrepreneurship) जगाई गई, जिससे उनका नज़रिया बदला। गुरुदेव ने बताया कि इसी मॉडल को बाद में केन्या, घाना, नाइजीरिया, बोत्सावाना और दक्षिण अफ्रीका जैसे अफ्रीकी देशों में भी लागू किया गया।

AI पर गुरुदेव का चुलबुला अंदाज़
जब जस्टिन बी. स्मिथ ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर उनकी राय पूछी, तो गुरुदेव ने चुटकी लेते हुए कहा, “इंटेलिजेंस की अनुपस्थिति (Absence of Intelligence), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और परम बुद्धिमत्ता (Absolute Intelligence)—ये तीन अवस्थाएं हैं।”

गुरुदेव ने बताया कि चेतना के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एब्सोल्यूट इंटेलिजेंस’ (Institute of Absolute Intelligence) की स्थापना भी की है।

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