Edited By Niyati Bhandari,Updated: 29 Aug, 2026 11:16 AM

बलूचिस्तान में एक और ऐतिहासिक 200 साल पुराने गुरुद्वारा साहिब को कथित तौर पर ध्वस्त कर दिया गया है और अब उसी स्थान पर एक मॉल का निर्माण किया जा रहा है।
क्वेटा (इंट.): बलूचिस्तान में एक और ऐतिहासिक 200 साल पुराने गुरुद्वारा साहिब को कथित तौर पर ध्वस्त कर दिया गया है और अब उसी स्थान पर एक मॉल का निर्माण किया जा रहा है। बलूचिस्तान सिख सभा के अनुसार यह पाकिस्तान में सिख धार्मिक विरासत के व्यवस्थित विनाश और उसको धीरे-धीरे मिटाए जाने का एक और बेहद चिंताजनक उदाहरण है।
सिख समुदाय से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, बलूचिस्तान में कभी 12 गुरुद्वारा साहिब हुआ करते थे, जिनमें से अब केवल 2 ही बचे हैं। वहीं पूरे पाकिस्तान में भी ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थलों की संख्या लगातार घटती जा रही है। गुरुद्वारे को गिराए जाने का भारत में भी कड़ा विरोध हो रहा है। भाजपा के नैशनल स्पोक्सपर्सन आर.पी. सिंह ने कहा कि यह पाकिस्तान में सिखों की विरासत खत्म करने की कोशिश है। अकाल तख्त साहिब को पाकिस्तान सरकार के सामने मामला उठाना चाहिए और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। आर.पी. सिंह ने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब को गिराए जाने की निंदा करते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
निजी बिल्डर को जमीन बेची गई
सिख समुदाय के मुताबिक यह जमीन श्री गुरु सिंह सभा से जुड़ी संपत्ति थी। आरोप है कि इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड ने इसे एक निजी बिल्डर को बेच दिया। अब सवाल उठ रहा है कि इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड को इस धार्मिक संपत्ति को बेचने का अधिकार किस आधार पर मिला और जमीन की बिक्री की प्रक्रिया क्या थी? इस पर पाकिस्तान सरकार या इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड की ओर से आधिकारिक जवाब सामने आना बाकी है।