Edited By jyoti choudhary,Updated: 31 Aug, 2026 03:34 PM

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला। पश्चिम एशिया में बढ़ी भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिसका दबाव भारतीय शेयर बाजार पर भी नजर आया। सेंसेक्स
मुंबईः अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला। पश्चिम एशिया में बढ़ी भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिसका दबाव भारतीय शेयर बाजार पर भी नजर आया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते दिखे। सेंसेक्स 307.24 अंक टूटकर 76,957.27 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 95.25 अंक फिसलकर 24,080.40 के स्कतर पर बंद हुआ।
शेयर बाजार में गिरावट के कारण
अमेरिका और ईरान के बीच खतरनाक तनाव
एक बार फिर अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान पर जमकर बमबारी की है। अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप पर हमला कर वहां मौजूद दो मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया है। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। यह करीब एक महीने में अमेरिका की ईरान के खिलाफ पहली मिलिट्री एक्शन है। इससे स्टॉक मार्केट में घबराहट बढ़ी है।
कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाई चिंता
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। कच्चे तेल में तेजी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता बढ़ाती है, क्योंकि इससे महंगाई, आयात बिल और रुपए पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
मेटल और आईटी स्टॉक्स
प्राइवेट बैंकिंग शेयरों की खरीदारी भी मार्केट को संभाल नहीं पा रहा। इसका निफ्टी इंडेक्स आधा फीसदी से ऊपर चढ़ा है और फिलहाल इसी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स ग्रीन है। मार्केट पर आज मेटल और आईटी स्टॉक्स ने तेज दबाव बनाया है। निफ्टी मेटल 2% से अधिक तो निफ्टी आईटी 1% से अधिक कमजोर हुआ है।