Edited By Sarita Thapa,Updated: 28 May, 2026 03:09 PM

देश भर में भीषण गर्मी और नौतपा के कहर के बीच PM मोदी का प्यासे को पानी पिलाओं वाला संदेश सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। सभी देशवासी इन दिनों बहुत ही भयंकर गर्मी से जुझ रहे हैं और वहीं, गर्मी का तापामन दिन प्रतिदिन पिछले सारे रिकॉर्ड...
PM Modi Viral Message : देश भर में भीषण गर्मी और नौतपा के कहर के बीच PM मोदी का प्यासे को पानी पिलाओं वाला संदेश सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। सभी देशवासी इन दिनों बहुत ही भयंकर गर्मी से जुझ रहे हैं और वहीं, गर्मी का तापामन दिन प्रतिदिन पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है। PM मोदी का यह संदेश सोशल मीडिया से लेकर आम जनता तक बढ़ी तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे सिर्फ सामाजिक अपील नहीं, बल्कि सनातन धर्म की धार्मिक परंपरा और भारतीय संस्कृति से जोड़ रहे हैं। हिंदू धर्म में किसी प्यासे को पानी पिलाना बहुत पुण्य का काम माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि PM मोदी का यह संदेश वेदों, पुराणों और सनातन संस्कृति से कैसे जुड़ा हुआ है।
PM मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को दिया यह संदेश
देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूंगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके।
वेदों में जल को क्यों कहा गया है अमृत?
हिंदू धर्म में जल को जीवन का आधार माना जाता है। हजारों साल पहले ही ऋषियों-मुनियों ने जल की महत्ता को बता दिया था।वेदों और पुराणों में जलदान को सबसे बड़ा पुण्य बताया गया है। मान्यता है कि गर्मी के दिनों में किसी जरूरतमंद या प्यासे व्यक्ति को पानी पिलाना केवल सेवा नहीं, बल्कि धर्म का कार्य होता है। यही कारण है कि पुराने समय से लोग रास्तों में प्याऊ लगवाते थे और यात्रियों को ठंडा पानी पिलाते थे और यही कारण है कि जब पीएम मोदी ने जल सेवा की बात कही, तो लोगों को इसमें अपनी सदियों पुरानी संस्कृति की झलक दिखाई दी।
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