Raksha Bandhan: रूठे भाई को मनाने के लिए करें ये उपाय, जानें रक्षा सूत्र का सही उपयोग

Edited By Updated: 10 Aug, 2022 05:40 PM

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इतिहास साक्षी है कि भ्रातृ विरोध ने ही देश को विदेशियों के हाथ सौंप दिया। भक्त प्रह्लाद, भक्त ध्रुव की रक्षा के लिए भगवान ने क्या कुछ नहीं किया ! उसी तरह रक्षा सूत्र के बंधन की मर्यादा का निर्वाह करना चाहिए,

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Raksha Bandhan 2022: इतिहास साक्षी है कि भ्रातृ विरोध ने ही देश को विदेशियों के हाथ सौंप दिया। भक्त प्रह्लाद, भक्त ध्रुव की रक्षा के लिए भगवान ने क्या कुछ नहीं किया ! उसी तरह रक्षा सूत्र के बंधन की मर्यादा का निर्वाह करना चाहिए, तभी यह परम्परा सार्थक सिद्ध होगी।

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कैसी हो राखी
राखी इलैक्ट्रॉनिक हो या डिजाइनर, ई-मेल हो या डाक द्वारा भेजे गए चार धागे। मुख्य बात है उसके पीछे परस्पर विश्वास, दायित्व, कर्तव्य, निष्ठा और स्नेह। इसी प्रकार भाई अपनी बहन को राखी के फलस्वरूप क्या उपहार देता है, महत्वपूर्ण है रक्षासूत्र की भावना और उसकी लाज। 

रक्षाबंधन पर उपाय
रक्षाबंधन के अवसर पर आप कुछ संकटों या परेशानियों से बचने के लिए कुछ उपाय भी कर सकते हैं। जैसे कि...

गृह सुरक्षा हेतु 
वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि मौली को गंगा जल से पवित्र करके गायत्री मंत्र की एक माला करके अपने प्रवेश द्वार पर तीन गांठों सहित बांधें तो घर की सुरक्षा पुख्ता हो जाती है और चोरी, दरिद्रता तथा अन्य अनिष्ट से बचाव रहता है।

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रूठे भाई को मनाने के लिए
यदि आपका भाई किसी कारणवश रुष्ट है तो शुभ मुहूर्त पर एक पीढ़ी पर साफ लाल कपड़ा बिछाएं। भ्राताश्री की फोटो रखें। एक लाल वस्त्र में सवा किलो जौ, 125 ग्राम चने की दाल, 21 बताशे, 21 हरी इलायची, 21 हरी किशमिश, 125 ग्राम मिश्री, 5 कपूर की टिक्कियां, 11 रुपए के सिक्के रखें और पोटली बांध लें। मन ही मन भाई की दीर्घायु की प्रार्थना तथा मनमुटाव समाप्त हो जाने की कामना करते हुए पोटली को 11 बार फोटो पर उल्टा घुमाते हुए, शिव मंदिर में रख आएं। 

पुराणों तथा आधुनिक युग में रक्षा सूत्र का उपयोग
इंद्र भगवान की पत्नी ने इंद्र को ही राखी बांधी थी, जबकि यम को उनकी बहन यमुना ने, लक्ष्मी जी ने राजा बली को, द्रौपदी ने श्री कृष्ण के हाथ में चोट लगने पर साड़ी का पल्लू बांधा था और इस पर्व पर वचन लिया। चीरहरण के समय भगवान श्री कृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा की। चित्तौढ़ की महारानी करमावती ने हुमायूं को चांदी की राखी भेजी थी। सिकंदर को राजा पुरु की पत्नी ने राखी बांधी थी। सामाजिक संस्थाओं से संबद्ध महिलाएं आधुनिक युग में पुलिस कर्मियों, सैनिकों, जवानों और राजनेताओं को राखी बांध रही हैं।

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