Edited By Sarita Thapa,Updated: 13 Sep, 2026 08:31 AM

सनतान धर्म में वराह जयंती का बहुत खास महत्व है। भगवान विष्णु के तीसरे अवतार श्री वराह देव को शक्ति, संकट-मोचन और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस साल वराह जयंती 13 सितंबर, 2026 को पड़ रहा है।
Varaha Jayanti 2026 Upay : सनतान धर्म में वराह जयंती का बहुत खास महत्व है। भगवान विष्णु के तीसरे अवतार श्री वराह देव को शक्ति, संकट-मोचन और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस साल वराह जयंती 13 सितंबर, 2026 को पड़ रहा है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु के तीसरे अवतार श्री वराह देव की सच्चे मन से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में आ रही सारी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और शुभ फलों का प्राप्ति होता है। यदि आपके जीवन में धन, संपत्ति, या मानसिक परेशानी चल रही है, तो वराह जयंती के दिन किए गए ये खास उपाय आपकी बंद किस्मत के ताले खोल सकते हैं।
भूमि और मकान की समस्या दूर करने के लिए
उपाय: यदि जमीन या मकान की खरीद-बिक्री में अड़चन आ रही है, तो वराह जयंती के दिन तांबे के एक पात्र में थोड़ी सी दक्षिण भारत या अपने घर की स्वच्छ मिट्टी रखें। उस मिट्टी पर हल्दी और चंदन का तिलक लगाएं और "ॐ वराहाय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें। पूजा के बाद इस मिट्टी को किसी गमले में डाल दें। इससे संपत्ति संबंधी विवाद सुलझते हैं।
कर्ज मुक्ति और आर्थिक वृद्धि के लिए
इस दिन भगवान वराह को दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर उससे स्नान कराएं। स्नान के बाद उन्हें पीले रंग की मिठाई, तुलसी पत्र और एक मुट्ठी साबुत चने की दाल अर्पित करें। पूजा संपन्न होने पर उस चने की दाल को किसी पीली पोटली में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें। इससे धन की कमी दूर होती है।
भय और शत्रुओं पर विजय पाने के लिए
यदि आपको अनजाना डर सताता है या शत्रु परेशान कर रहे हैं, तो शाम के समय सरसों के तेल का दीपक जलाएं। भगवान वराह के चित्र के समक्ष बैठकर 'वराह कवच' या "ॐ नमो भगवते वराहाय नमः" का जाप करें। यह उपाय आपकी सुरक्षात्मक ऊर्जा को मजबूत करता है।
मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष भोग
वराह जयंती के दिन भगवान श्री हरि विष्णु के वराह रूप को पंचामृत में थोड़ा सा केसर मिलाकर भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद इस पंचामृत को घर के सभी सदस्यों में बांटें। माना जाता है कि ऐसा करने से रुकी हुई मनोकामनाएं जल्द पूरी होने लगती हैं।
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