Edited By Sarita Thapa,Updated: 07 Sep, 2026 12:43 PM

सनातन धर्म में भौम प्रदोष व्रत का बहुत खास महत्व है। हर महीने के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब त्रयोदशी तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है।
Bhaum Pradosh Vrat 2026 : सनातन धर्म में भौम प्रदोष व्रत का बहुत खास महत्व है। हर महीने के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब त्रयोदशी तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। मंगलवार और त्रयोदशी का यह दुलर्भ संयोग भगवान शिव और हनुमान जी दोनों का आशीर्वाद प्राप्त करने का उत्तम अवसर माना जाता है। भाद्रपद माह का पहला प्रदोष व्रत 8 सितंबर, 2026 मंगलवार के दिन रखा जाएगा। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में आने वाली हर परेशानी से छुटकारा मिलता है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से कुंडली में मंगल ग्रह संबंधी परेशानियां और ऋण मुक्ति की राह आसान होती है।
मंगल बाधा दूर करने के अचूक उपाय
शिवलिंग पर लाल चंदन और गुड़ अर्पित करें
संध्या काल में पूजा के समय शिवलिंग पर गंगाजल से स्नान कराने के बाद लाल चंदन का लेप लगाएं। साथ ही थोड़ा सा गुड़ अर्पित करें। इससे आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं और अटका हुआ धन वापस आता है।
ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ
यदि आप अत्यधिक कर्ज से परेशान हैं, तो प्रदोष काल में 'ऋणमोचक मंगल स्तोत्र' या 'हनुमान चालीसा' का कम से कम 3 या 7 बार पाठ अवश्य करें।
हनुमान जी को बूंदी का भोग
इस दिन हनुमान जी के मंदिर में जाकर उन्हें लाल चोला या बूंदी का प्रसाद अर्पित करें। इससे मंगल दोष शांत होता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है।
अक्षत और शहद से जलाभिषेक
पूजा के दौरान जल में थोड़ा सा शहद और लाल फूल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इससे आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और घर की कलह दूर होती है।
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