Review: UPSC की तैयारी से DM बनने तक, ‘एस्पिरेंट्स’ सीजन 3 में बदलते रिश्तों और जिम्मेदारियों की कहानी

Edited By Updated: 13 Mar, 2026 01:16 PM

aspirants season 3 review in hindi

यहां पढ़ें कैसी है सीरीज एस्पिरेंट्स सीजन 3...

वेब सीरीज- एस्पिरेंट्स सीजन 3 (Aspirants Season 3)
स्टारकास्ट- नवीन कस्तूरिया (Naveen Kasturia), शिवांकित सिंह परिहार (Shivankit Singh Parihar), अभिलाष थपलियाल (Abhilash Thapliyal), सनी हिंदुजा (Sunny Hinduja) और नमिता दुबे (Namita Dubey)
डायरेक्टर-  दीपेश सुमित्रा जगदीश (Deepesh Sumitra Jagdish)
रेटिंग- 3.5*

Aspirants Season 3: द वायरल फीवर (TVF) की लोकप्रिय एजुकेशन ड्रामा वेब सीरीज ‘एस्पिरेंट्स’ अपने तीसरे सीजन के साथ लौट आई है। पंचायत, गुल्लक और कोटा फैक्ट्री जैसी सफल सीरीज देने वाली टीवीएफ की यह सीरीज भी दर्शकों के बीच खास जगह बना चुकी है। यूपीएससी की तैयारी, संघर्ष और दोस्ती पर आधारित इस कहानी को दर्शकों ने पहले दो सीजन में खूब प्यार दिया था। सीजन 3 में कहानी सिर्फ परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह दिखाती है कि जब कोई अधिकारी बन जाता है तो उसके सामने कैसी जिम्मेदारियां और चुनौतियां आती हैं। सत्ता, सिस्टम और रिश्तों के बीच का टकराव इस सीजन का मुख्य आधार है।

कहानी
सीजन 3 की शुरुआत एक रहस्यमयी हमले से होती है जिसका खुलासा आखिर में होता है। कहानी का केंद्र अब अभिलाष शर्मा जो रामपुर के जिला मजिस्ट्रेट (DM) हैं उनके इर्द-गिर्द घूमती है। एक समय में सब कुछ सही लग रहा था लेकिन अब उनकी जिंदगी में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पुराने रिश्ते बदल चुके हैं और उनके करीबी दोस्त एसके उनसे दूर हो चुके हैं। वहीं संदीप भैया अभिलाष पर टेंडर प्रक्रिया में अपने दोस्त गुरी का पक्ष लेने का आरोप लगाते हैं जिसके बाद उनके खिलाफ जांच बैठती है। इसी बीच अभिलाष की मुलाकात पुराने परिचित पवन कुमार से होती है, जो अब संभल के डीएम हैं और उनके साथ एक असहज इतिहास साझा करते हैं। दोनों को एक प्रोजेक्ट पर साथ काम करना पड़ता है, जिससे तनाव और बढ़ जाता है। कहानी में अब आगे क्या होने वाला है ये आपको सीरीज देखने को मिलेगा।

एक्टिंग
एक्टिंग के मामले में सीरीज का पूरा कलाकार दल शानदार प्रदर्शन करता है। नवीन कस्तूरिया ने अभिलाष शर्मा के किरदार में गहराई और गंभीरता को बखूबी दिखाया है। सनी हिंदुजा का संदीप भैया वाला किरदार कहानी में मजबूती और वजन जोड़ता है। अभिलाष थपलियाल ने एसके के किरदार को इस तरह निभाया है कि वह कभी बेहद करीब लगता है तो कभी दूरी का अहसास कराता है। वहीं शिवांकित सिंह परिहार ने गुरी के किरदार में सादगी और ईमानदारी को प्रभावी ढंग से पेश किया है। नमिता दुबे धैर्य के किरदार में सहज लगती हैं, जबकि तीसरे सीजन में शामिल हुए जतिन गोस्वामी भी अपने किरदार में प्रभाव छोड़ते हैं।

डायरेक्शन
इस सीजन का निर्देशन दीपेश सुमित्रा जगदीश ने किया है जो इसके लेखक भी हैं। उन्होंने कहानी में रिश्तों के बदलते समीकरण, सत्ता के प्रभाव और भावनात्मक संघर्ष को संतुलित तरीके से दिखाने की कोशिश की है। सीरीज का निर्देशन अच्छा किया गया है लेकिन कहीं न कहीं धीमी भी लगती है। सीरीज का बैकग्राउंड म्यूजिक और प्रोडक्शन डिजाइन भी इसकी वास्तविकता को मजबूत बनाते हैं। कुल मिलाकर ‘एस्पिरेंट्स सीजन 3’ सत्ता, रिश्तों और जिम्मेदारियों के बीच इंसानी भावनाओं को दिखाने वाली एक दिलचस्प और असरदार कहानी बनकर सामने आती है।

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