Edited By Prachi Sharma,Updated: 03 Apr, 2026 01:10 PM

Maamla Legal Hai 2 Review : अक्सर देखा जाता है कि हिट सीरीज का दूसरा सीजन पहले के मुकाबले फीका रह जाता है लेकिन Netfilx की मामला लीगल है ने इस मिथक को तोड़ दिया है। कोर्टरूम ड्रामा को कॉमेडी के तड़के के साथ पेश करने वाली यह सीरीज अपने दूसरे सीजन में...
Maamla Legal Hai 2 Review : अक्सर देखा जाता है कि हिट सीरीज का दूसरा सीजन पहले के मुकाबले फीका रह जाता है लेकिन Netfilx की मामला लीगल है ने इस मिथक को तोड़ दिया है। कोर्टरूम ड्रामा को कॉमेडी के तड़के के साथ पेश करने वाली यह सीरीज अपने दूसरे सीजन में भी उतनी ही फ्रेश और एंटरटेनिंग है।
कुछ इस तरह है Maamla Legal Hai 2 की कहानी
इस बार पटपड़गंज कोर्ट की गलियों में काफी कुछ बदल चुका है। वीडी त्यागी यानि की Ravi Kishan अब वकील से जज की कुर्सी तक का सफर तय कर चुके हैं। कुर्सी तो बदल गई लेकिन उनके सामने आने वाली चुनौतियां और भी दिलचस्प हो गई हैं। चेंबर की पार्टनरशिप में मिंटू और वीनू के बीच एक नई केमिस्ट्री पनप रही है, वहीं नायला अपनी ईमानदारी और आदर्शों के साथ वकालत के मैदान में डटी हुई है। हर एपिसोड एक नए और अनोखे केस के साथ आता है, जो न केवल हंसाता है बल्कि कानूनी दांव-पेच भी समझा जाता है।
सीरीज की खासियत
अब तक हमने फिल्मों में जजों को सिर्फ गंभीर रूप में देखा है लेकिन यह सीरीज जजों की मानवीय भावनाओं को उजागर करती है।
क्या जज मुस्कुरा सकते हैं ? क्या वे वकीलों के साथ मजाक कर सकते हैं ? सीरीज इन अनछुए पहलुओं को बड़ी खूबसूरती से दिखाती है।
सीरीज के कई केस असल जिंदगी की घटनाओं से प्रेरित लगते हैं, जो इसे काफी रियलिस्टिक बनाते हैं। इसके कुल 8 एपिसोड (30-35 मिनट प्रत्येक) वाली यह सीरीज अपनी रफ़्तार से आपको बांधे रखती है और कहीं भी बोरियत महसूस नहीं होने देती।

Acting एक्टिंग
रवि किशन: इन्होंने साबित कर दिया कि वह एक मंझे हुए कलाकार हैं। एक जज के रूप में उनकी बॉडी लैंग्वेज और डायलॉग डिलीवरी इतनी सहज है कि वे कहीं भी एक्टिंग करते नहीं दिखते, बल्कि वह किरदार को जीते हैं।
सपोर्टिंग कास्ट: अंजुम बत्रा (मिंटू जी) और निधि बिष्ट (सुजाता नेगी) ने अपनी कॉमिक टाइमिंग से जान डाल दी है। नायला ग्रेवाल अपनी सादगी से प्रभावित करती हैं, वहीं अनंत जोशी का काम भी सराहनीय है। हालांकि, कुशा कपिला के पास स्क्रीन स्पेस थोड़ा कम रहा।
डायरेक्शन और राइटिंग
राहुल पांडे का निर्देशन और लेखकों की टीम (Kunal, Syed Shadan, Mohak and Tatsat) की मेहनत पर्दे पर साफ दिखती है। उन्होंने कॉमेडी और कोर्टरूम की गंभीरता के बीच एक बारीक संतुलन बनाए रखा है।
अगर आप एक ऐसी सीरीज की तलाश में हैं जिसे पूरी फैमिली के साथ बैठकर देखा जा सके और जो हल्की-फुल्की कॉमेडी के साथ कुछ नया सिखा सके, तो 'मामला लीगल है सीजन 2 आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए।
