दुनिया में तेजी से फैल रहा मौत का वायरस! 131 मौतों बाद WHO बोला-हालात बेहद चिंताजनक, ग्लोबल एमलजैंसी का ऐलान

Edited By Updated: 19 May, 2026 07:15 PM

who concerned about  scale and speed  of ebola outbreak with 131 now dead

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला वायरस का खतरनाक प्रकोप तेजी से फैल रहा है। अब तक 131 लोगों की मौत और 513 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। दुर्लभ “बुंडीबुग्यो” स्ट्रेन...

International Desk: पूर्वी कांगो में इबोला वायरस के प्रकोप से कम से कम 131 लोगों की मौत हुई है और 500 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं। कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। साथ ही इबोला वायरस से निपटने के संबंध में सरकार की प्रतिक्रिया में देरी को लेकर भी जानकारी सामने आई है। सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल रोजर कंबा ने कहा, ''प्रभावित क्षेत्रों में 513 संदिग्ध मामले आए हैं और 131 लोगों की संक्रमण से मौत दर्ज की गई है।'' उन्होंने कहा, ''ये संदिग्ध मौत हैं और यह पता लगाने के लिए जांच जारी है कि वास्तव में इनमें से कौन से कारक इस रोग से जुड़े हैं।''  

 

‘बुंडीबुग्यो’ स्ट्रेन ने बढ़ाई चिंता
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रविवार को इबोला के प्रकोप को 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित किया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा प्रकोप की पुष्टि शुक्रवार को हुई थी जो इबोला वायरस के 'बुंडीबुग्यो' स्वरूप के कारण हुआ है। 'बुंडीबुग्यो' इबोला का एक दुर्लभ प्रकार है जिसके लिए कोई स्वीकृत उपचार या टीका उपलब्ध नहीं है। कांगो और युगांडा में 20 से अधिक बार इबोला के प्रकोप हो चुके हैं, लेकिन 'बंडीबुग्यो' वायरस का पता केवल तीसरी बार चला है।स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इस बार संक्रमण इबोला वायरस के दुर्लभ “बुंडीबुग्यो” स्ट्रेन की वजह से फैला है। यह इबोला का ऐसा प्रकार है जिसके लिए अभी तक कोई आधिकारिक टीका या प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह तीसरी बार है जब इस स्ट्रेन की पहचान हुई है। इससे पहले भी कांगो और पड़ोसी Uganda में कई बार इबोला के प्रकोप सामने आ चुके हैं, लेकिन यह नया स्वरूप अधिक चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

 

इन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा
संक्रमण के मामले बुनिया, गोमा, मोंगबवालु, बुटेम्बो और न्याकुंडे जैसे इलाकों में सामने आए हैं। इनमें से कुछ क्षेत्र विद्रोही समूहों के प्रभाव में हैं, जिससे राहत और चिकित्सा अभियान चलाना मुश्किल हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि संघर्षग्रस्त इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहले से कमजोर हैं और अब इबोला के फैलने से हालात और गंभीर हो सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार सरकार की प्रतिक्रिया में देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का कहना है कि शुरुआती स्तर पर संक्रमण को रोकने के लिए पर्याप्त कदम समय पर नहीं उठाए गए।

 

क्या है इबोला वायरस?
इबोला एक बेहद घातक वायरस है जो संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, उल्टी, दस्त और कई मामलों में आंतरिक रक्तस्राव शामिल है। गंभीर मामलों में मृत्यु दर बहुत अधिक हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने, संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखने और स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है।
 

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