Edited By Prachi Sharma,Updated: 08 Nov, 2026 10:10 AM

जाने-माने मृदंगम वादक श्रीधर पार्थसारथी (54) का शुक्रवार सुबह पुणे में एक दिवाली कार्यक्रम के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। कर्नाटक संगीत के इस प्रतिष्ठित ताल-वादक को दिवाली की सुबह कार्यक्रम में प्रस्तुति देते हुए लगभग एक घंटा हो चुका था,...
Sridhar Parthasarathy Passed Away : जाने-माने मृदंगम वादक श्रीधर पार्थसारथी (54) का शुक्रवार सुबह पुणे में एक दिवाली कार्यक्रम के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। कर्नाटक संगीत के इस प्रतिष्ठित ताल-वादक को 'दिवाली पहाट' (दिवाली की सुबह) कार्यक्रम में प्रस्तुति देते हुए लगभग एक घंटा हो चुका था, तभी 6 नवंबर की सुबह करीब 7 बजे वे अचानक मंच पर गिर पड़े।
वहां मौजूद कई डॉक्टरों ने उनकी मदद करने की कोशिश की। उन्हें कार्डियक एम्बुलेंस से मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें सीपीआर (CPR) दिया। यह जानकारी बानेर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक चंद्रशेखर सावंत ने दी। सावंत ने बताया कि हालांकि, उन्हें बचाया नहीं जा सका और अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
संगीतकार और गायक शंकर महादेवन ने पार्थसारथी के निधन पर दुख जताया। उन्होंने उन्हें बेहतरीन ताल-वादकों में से एक और एक असाधारण संगीतकार बताया। सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट में, महादेवन ने याद किया कि लगभग 40 साल पहले उनके पहले कर्नाटक शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम में पार्थसारथी भी शामिल थे।
महादेवन ने कहा, "मैं इस बात को स्वीकार ही नहीं कर पा रहा हूं। यह मेरे और संगीत जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।" उन्होंने पार्थसारथी को अपना एक करीबी दोस्त बताया, जिनके साथ उन्होंने संगीत, हंसी-मजाक और खुशियों के अनगिनत पल बिताए थे। महादेवन ने कहा कि अपने दोस्त के जाने के हालात ने उन्हें बुरी तरह तोड़ दिया है।
उन्होंने कहा, "क्या आप सोच सकते हैं ? इस दुनिया से विदा लेने का कैसा तरीका था यह।