Edited By Prachi Sharma,Updated: 13 Sep, 2026 12:48 PM

मुंबई: संगीत और मनोरंजन की दुनिया में कलाकारों के लिए सिर्फ पहचान और लोकप्रियता ही काफी नहीं है, बल्कि उनके काम का सही आर्थिक अधिकार मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी दिशा में ISAMRA (Indian Singers and Musicians Rights Association) गायकों और...
मुंबई: संगीत और मनोरंजन की दुनिया में कलाकारों के लिए सिर्फ पहचान और लोकप्रियता ही काफी नहीं है, बल्कि उनके काम का सही आर्थिक अधिकार मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी दिशा में ISAMRA (Indian Singers and Musicians Rights Association) गायकों और संगीतकारों के परफॉर्मर्स राइट्स की सुरक्षा और रॉयल्टी वितरण के लिए काम कर रही है।
कॉपीराइट कानून में 2012 में हुए संशोधन के बाद कलाकारों को परफॉर्मर्स राइट्स के तहत महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार मिले। ISAMRA का उद्देश्य इन्हीं अधिकारों की रक्षा करना और कलाकारों को उनके काम के इस्तेमाल से मिलने वाली रॉयल्टी दिलाना है।
क्या काम करती है ISAMRA?
ISAMRA का काम केवल कलाकारों को मंच उपलब्ध कराना नहीं है बल्कि उनके आर्थिक और कॉपीराइट अधिकारों की रक्षा करना भी है। संस्था के फाउंडर Sanjay Tandon के अनुसार, ISAMRA की स्थापना गायकों और संगीतकारों की गरिमा के साथ उनके वित्तीय रॉयल्टी अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से की गई थी। रेडियो, टेलीविजन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सार्वजनिक स्थानों पर गानों के इस्तेमाल से मिलने वाली रॉयल्टी को कलाकारों तक पहुंचाना संस्था के प्रमुख कार्यों में शामिल है।
ISAMRA के बोर्ड में अनूप जलोटा, सोनू निगम, अनुराधा पौडवाल, उदित नारायण और शान जैसे जाने-माने कलाकार शामिल हैं। संस्था के अनुसार, 2026 में 26,000 से अधिक गायकों और संगीतकारों को करीब ₹100 करोड़ की रॉयल्टी वितरित की गई।
कौन हैं वैषाली हरिन गोहिल ?
Vaishali Harin Gohil गुजराती लग्नगीत यानी वेडिंग सॉन्ग की लोकप्रिय गायिका हैं। वह वर्ष 2008 से संगीत के क्षेत्र में सक्रिय हैं और VR1 Events की सह-संस्थापक भी हैं। वैषाली ने अब तक 2,000 से अधिक शादी समारोहों में अपनी प्रस्तुति दी है। उन्हें खास पहचान अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी से जुड़े एंटीलिया के गुड़-धना और पीठी समारोह में प्रस्तुति देने के बाद मिली। इसके अलावा, उन्होंने 551 जोड़ों के सामूहिक विवाह समारोह में भी लग्नगीत प्रस्तुत किए, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी रही।
कॉपीराइट विवाद के बाद ISAMRA से जुड़ने का फैसला
वैषाली के ISAMRA से जुड़ने के पीछे कॉपीराइट से जुड़ा एक अनुभव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, 2022 से 2026 के बीच राजकोट की एक म्यूजिक कंपनी ने कथित तौर पर उनकी अनुमति के बिना करीब 29 वीडियो YouTube पर और लगभग इतनी ही ऑडियो रिकॉर्डिंग्स अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दी थीं। वैषाली ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की। इसके बाद संबंधित कंपनी ने आउट-ऑफ-कोर्ट सेटलमेंट का प्रस्ताव दिया और विवाद का समाधान वैषाली के पक्ष में हुआ। विवादित कंटेंट को भी हटा दिया गया।
क्षेत्रीय कलाकारों के लिए क्यों जरूरी है कॉपीराइट सुरक्षा?
यह मामला बताता है कि डिजिटल दौर में किसी कलाकार के लिए अपने कंटेंट और अधिकारों की सुरक्षा कितनी जरूरी हो गई है। खासतौर पर क्षेत्रीय कलाकारों का संगीत YouTube और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से पहुंच रहा है, लेकिन कई बार बिना अनुमति उनके कंटेंट का इस्तेमाल भी हो जाता है।
ISAMRA की सदस्यता कलाकारों को रॉयल्टी अधिकारों की सुरक्षा, अनधिकृत इस्तेमाल के मामलों में सहायता और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने काम की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं में मदद कर सकती है। सोनू निगम समेत कई कलाकार लंबे समय से इस बात पर जोर देते रहे हैं कि कलाकारों की पहचान सिर्फ तालियों और लोकप्रियता तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके रचनात्मक काम से जुड़ी वित्तीय पहचान और अधिकार भी सुरक्षित होने चाहिए।
वैषाली हरिन गोहिल का ISAMRA से जुड़ना इसी दिशा में क्षेत्रीय कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा सकता है।