Edited By Mansa Devi,Updated: 10 Apr, 2026 04:43 PM

सरकार ने लोगों को ऑनलाइन निवेश से जुड़े बढ़ते खतरों के प्रति सतर्क करते हुए नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें खास तौर पर नकली ट्रेडिंग एप्लिकेशन के जरिए हो रहे वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को लेकर चेतावनी दी गई है।
नेशनल डेस्क: सरकार ने लोगों को ऑनलाइन निवेश से जुड़े बढ़ते खतरों के प्रति सतर्क करते हुए नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें खास तौर पर नकली ट्रेडिंग एप्लिकेशन के जरिए हो रहे वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को लेकर चेतावनी दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, ये फर्जी ऐप्स असली निवेश प्लेटफॉर्म की तरह दिखते हैं, जिससे आम यूजर्स के लिए असली और नकली में अंतर करना मुश्किल हो जाता है।
लालच देकर फंसाते हैं साइबर ठग
एडवाइजरी में बताया गया है कि साइबर अपराधी लोगों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर इन ऐप्स के जरिए निवेश करने के लिए उकसाते हैं। शुरुआत में यूजर्स को नकली मुनाफा दिखाया जाता है, लेकिन असल में उनका पैसा किसी असली बाजार में निवेश नहीं होता और ठगों के पास ही चला जाता है।
सोशल मीडिया और लिंक के जरिए फैल रहा जाल
जानकारी के अनुसार, इन फर्जी ऐप्स का प्रचार सोशल मीडिया विज्ञापनों, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और अनजान लिंक के जरिए किया जाता है। यूजर्स को इन लिंक पर क्लिक कर ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता है। एक बार ऐप इंस्टॉल होने के बाद उनसे अलग-अलग निवेश विकल्पों के नाम पर पैसे जमा कराए जाते हैं।
साइबर अपराधियों के तरीके हो रहे ज्यादा उन्नत
अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग अब पहले से ज्यादा तकनीकी रूप से सक्षम हो गए हैं और भरोसेमंद दिखने वाले स्कैम तैयार कर रहे हैं। डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऐसे मामलों में भी तेजी देखी जा रही है। इसी वजह से लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
यूजर्स के लिए जरूरी सावधानियां
सरकार ने लोगों को कुछ अहम बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है। सबसे पहले, निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की पूरी तरह जांच करना जरूरी है। मार्केट रेगुलेटर द्वारा उपलब्ध आधिकारिक टूल्स की मदद से बैंक डिटेल्स की पुष्टि करनी चाहिए, ताकि पैसा सही संस्था तक पहुंचे। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म से जुड़े UPI हैंडल और पेमेंट गेटवे की जांच करना भी जरूरी है। किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वह प्रमाणित और भरोसेमंद है।
SEBI का ‘वेरिफाइड’ लेबल करेगा मदद
निवेशकों की सुरक्षा के लिए SEBI ने वेरिफाइड ट्रेडिंग ऐप्स की पहचान के लिए ‘वेरिफाइड’ लेबल सिस्टम शुरू किया है। इस लेबल की मदद से यूजर्स असली और नकली ऐप्स के बीच आसानी से फर्क कर सकेंगे और सुरक्षित तरीके से निवेश कर पाएंगे।