Edited By Rohini Oberoi,Updated: 06 Sep, 2026 08:38 AM

ईरान में शनिवार का दिन भारी तबाही और तनाव भरा रहा। एक तरफ देश के पश्चिमी हिस्से में एक सड़क हादसे के दौरान फ्यूल टैंकर में भयानक विस्फोट हो गया जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई जबकि 7 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
तेहरान : ईरान में शनिवार का दिन भारी तबाही और तनाव भरा रहा। एक तरफ देश के पश्चिमी हिस्से में एक सड़क हादसे के दौरान फ्यूल टैंकर में भयानक विस्फोट हो गया जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई जबकि 7 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरी ओर पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के तीन क्रूड ऑयल टैंकरों को निशाना बनाकर हमला किया।
यह हादसा कुर्दिस्तान प्रांत के सनंदाज काउंटी को हमदान प्रांत के हमदान काउंटी से जोड़ने वाले एक इंटरसिटी रूट पर हुआ। कुर्दिस्तान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के प्रमुख बाबक होदाई ने बताया कि धमाके के कारण आसपास की कई गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं। रिपोर्ट के अनुसार इमरजेंसी रेस्पॉन्डर घायलों को सनंदाज स्थित मेडिकल सेंटर ले गए जबकि घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी रहा।
रिपोर्ट के अनुसार यह घटना जुलाई में हुई उस घटना के बाद हुई है जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में एक नौसैनिक खदान (नेवल माइन) से टकराने के बाद एक तेल टैंकर में धमाका हुआ था। कहा जाता है कि जहाज तेहरान द्वारा तय किए गए रास्तों से भटकने के बाद विस्फोटक उपकरण से टकरा गया था। रिपोर्ट के अनुसार जहाज तय रास्तों से भटक गया और समुद्री आवाजाही के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र में चला गया जबकि उसे पहले ही चेतावनी दी गई थी।
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होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह एक महत्वपूर्ण ऊर्जा कॉरिडोर है जिसके ज़रिए खाड़ी के प्रमुख उत्पादक देशों से दुनिया भर में तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) पहुंचाई जाती है। इसके अलावा वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों को निशाना बनाया।
बता दें कि अमेरिकी सेना ने शनिवार को घोषणा की कि यह कार्रवाई उस हमले के बाद की गई जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने बताया कि एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर कई हमलों से बचने में कामयाब रहे और किसी भी अमेरिकी कर्मी को चोट नहीं आई।
CENTCOM ने कहा, US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की सेनाओं ने 5 सितंबर को ईरान के तीन कच्चे तेल ले जाने वाले टैंकरों पर हमला किया। यह हमला इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त कर रहे अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद किया गया।