Edited By Pardeep,Updated: 29 Sep, 2026 06:15 AM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के साथ जारी युद्ध में "बहुत जल्द" जीत हासिल करेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि युद्ध समाप्त होते ही पेट्रोल-गैस और कच्चे तेल की...
वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के साथ जारी युद्ध में "बहुत जल्द" जीत हासिल करेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि युद्ध समाप्त होते ही पेट्रोल-गैस और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। पर्दे के पीछे वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक बातचीत शुरू करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका इस संघर्ष में हर हाल में जीत दर्ज करेगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को खोलने पर बातचीत जारी
इस पूरे संघर्ष और वार्ता के केंद्र में 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' जलमार्ग बना हुआ है, जिसके जरिए सामान्य जहाजरानी शुरू करने की कोशिश की जा रही है। मध्यस्थ देश ईरान और अमेरिका के बीच समझौते के लिए काम कर रहे हैं, हालांकि अधिकारियों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच अभी भी बड़ी बाधाएं बनी हुई हैं।
ईरान का प्रस्ताव ट्रंप ने किया खारिज, कूटनीति के रास्ते खुले
ईरान ने प्रस्ताव दिया था कि यदि अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाए, जब्त संपत्तियों को जारी करे और तेल बिक्री पर प्रतिबंधों में ढील दे, तो वह एक सप्ताह के भीतर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से खोल सकता है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस शर्त वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, लेकिन साथ ही उन्होंने इस हफ्ते और बातचीत होने की उम्मीद जताई है। इसी सिलसिले में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) के न्यूयॉर्क में कतरी मध्यस्थों से मिलने की संभावना है।
"ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता": ट्रंप की चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परमाणु संपन्न ईरान अमेरिका या किसी शहर को निशाना बनाता है, तो यह भारी तबाही लाएगा। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वॉशिंगटन तब तक किसी समझौते पर सहमत नहीं होगा, जब तक कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे का पूरी तरह समाधान नहीं हो जाता।