ऑस्ट्रेलिया का ISIS से जुड़े परिवारों की वापसी से इंकार, सरकार की सुरक्षा रणनीति पर उठे सवाल

Edited By Updated: 18 Feb, 2026 05:50 PM

australia has ruled out repatriation for isis families

ऑस्ट्रेलिया ने आईएसआईएस से जुड़े 34 नागरिकों की सीरिया से वापसी से इंकार कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला न तो दीर्घकालिक सुरक्षा देता है, न ही स्पष्ट नीति दिखाता है। नियंत्रित वापसी के बजाय नागरिकों को शिविरों में छोड़ना जोखिम बढ़ा...

International Desk: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने साफ किया है कि उनकी सरकार सीरिया के हिरासत शिविर से रिहा हुई 34 ऑस्ट्रेलियाई महिलाओं और बच्चों की स्वदेश वापसी में मदद नहीं करेगी। ये लोग इस्लामिक स्टेट यानी Islamic State से जुड़े परिवारों में शामिल माने जाते हैं और उत्तरी सीरिया के कुर्द-नियंत्रित अल-रोज़ शिविर में वर्षों से रह रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार का यह फैसला न तो दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है और न ही किसी सुसंगत नीति को दर्शाता है। ब्रिस्बेन स्थित University of Queensland के विश्लेषकों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया पहले यह साबित कर चुका है कि वह अपने नागरिकों की नियंत्रित और सुरक्षित वापसी करवा सकता है।

 

वर्ष 2022 में ऑस्ट्रेलिया ने चार महिलाओं और उनके 13 बच्चों को सीरिया से वापस लाया था, जो आईएस लड़ाकों की पत्नियां या विधवाएं थीं। हालांकि, इसके बाद उनकी कानूनी प्रक्रिया, पुनर्वास और निगरानी को लेकर बहुत कम जानकारी सार्वजनिक की गई। एक महिला मरियम राद ने आईएस-नियंत्रित क्षेत्र में प्रवेश का दोष स्वीकार किया, लेकिन उन्हें दोषसिद्धि के बिना अच्छे आचरण के आधार पर रिहा कर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अब तक ऑस्ट्रेलिया ने ऐसी वापसी के लिए कोई स्थायी और संस्थागत ढांचा नहीं बनाया है। निर्णय अक्सर मामला-दर-मामला लिए जाते हैं, जिससे नीति में असंगति बनी रहती है। 2022 में उच्च न्यायालय द्वारा नागरिकता रद्द करने की सरकारी शक्ति सीमित किए जाने के बाद स्थिति बदली, लेकिन इसे व्यापक नीति में नहीं बदला गया।

 

विश्लेषकों का कहना है कि नागरिकों को विदेशी शिविरों में छोड़ देना खतरे को खत्म नहीं करता, बल्कि उसे अनियंत्रित बना देता है। यदि ये लोग अपने दम पर लौटते हैं, तो सुरक्षा एजेंसियों के पास निगरानी और कानूनी कार्रवाई की तैयारी का समय कम रह जाता है। दूसरी ओर, अमेरिका और कई यूरोपीय देश अलग रणनीति अपना रहे हैं। नीदरलैंड, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने न्यायिक प्रक्रिया और दीर्घकालिक निगरानी के साथ महिलाओं और बच्चों की नियंत्रित वापसी शुरू की है। इन देशों का मानना है कि यह रियायत नहीं, बल्कि सुरक्षा प्रबंधन की रणनीति है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, वर्षों तक बिना आरोप विदेशी हिरासत में रहना ऑस्ट्रेलिया की विधि-शासन और उचित प्रक्रिया के सिद्धांतों पर भी सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि असली सवाल यह नहीं है कि ये नागरिक लौटेंगे या नहीं, बल्कि यह है कि ऑस्ट्रेलिया उनकी वापसी को योजनाबद्ध ढंग से संभालेगा या हालात के दबाव में बाद में प्रतिक्रिया देगा।
  

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