Edited By Parveen Kumar,Updated: 03 Aug, 2026 09:29 PM

पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक वरिष्ठ सदस्य का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में वह दावा करता है कि पिछले तीन से चार वर्षों के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) के...
नेशनल डेस्क : पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक वरिष्ठ सदस्य का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में वह दावा करता है कि पिछले तीन से चार वर्षों के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) के विभिन्न इलाकों में संगठन के 30 से अधिक आतंकवादी अज्ञात हमलावरों द्वारा मारे गए हैं।
वीडियो में दिख रहा व्यक्ति रिज़वान हनीफ़ बताया जा रहा है, जिसे भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ आतंकवादी मानती हैं और भारत में वांछित बताती हैं। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
कथित वीडियो में हनीफ़ का कहना है कि पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलाकोट और मुज़फ़्फ़राबाद समेत कई स्थानों पर संगठन के सदस्यों को निशाना बनाया गया। यदि यह दावा सही है, तो यह पहली बार होगा जब लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े किसी सदस्य ने सार्वजनिक रूप से ऐसी टारगेटेड हत्याओं का उल्लेख किया है।
वीडियो में हनीफ़ ने इन घटनाओं के लिए भारतीय एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, भारत सरकार पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करती रही है और इस मामले में भी आधिकारिक तौर पर किसी तरह की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।
लश्कर-ए-तैयबा पर वर्ष 2005 में संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगाया था। यह संगठन वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमलों का मुख्य आरोपी है, जिसमें 166 लोगों की जान गई थी। वीडियो में रिज़वान हनीफ़ को हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक और नफरत फैलाने वाली भाषा का इस्तेमाल करते हुए भी सुना जा सकता है। ऐसे बयान इस बात की ओर संकेत करते हैं कि आतंकवादी संगठन धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर कट्टरपंथ और नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं।