अदन की खाड़ी में मालवाहक जहाज पर अटैक, ब्रिटिश सेना-हमलावरों में मुठभेड़

Edited By Updated: 10 Jun, 2026 02:39 PM

guards on cargo ship exchange fire with suspected attackers in the gulf of aden

यमन के तट के पास अदन की खाड़ी में एक मालवाहक जहाज पर सवार सुरक्षा कर्मियों और बंदूकधारियों के बीच गोलीबारी हुई। सुरक्षा दल ने जवाबी कार्रवाई कर हमलावरों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। घटना के पीछे हूती विद्रोहियों या सोमाली समुद्री डाकुओं का हाथ...

International Desk:  यमन के तट के पास स्थित रणनीतिक समुद्री क्षेत्र अदन की खाड़ी में बुधवार को एक मालवाहक जहाज पर हमला होने की खबर सामने आई है। ब्रिटिश सेना के समुद्री निगरानी केंद्र के अनुसार, जहाज पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और एक छोटी नाव में सवार बंदूकधारियों के बीच गोलीबारी हुई। ब्रिटिश सेना के United Kingdom Maritime Trade Operations (UKMTO) ने बताया कि हमलावर एक छोटी नाव में सवार होकर जहाज के करीब पहुंचे थे। स्थिति को भांपते हुए जहाज पर मौजूद सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की।
 

रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा गार्डों की फायरिंग के बाद बंदूकधारियों को पीछे हटना पड़ा और वे क्षेत्र छोड़कर चले गए। इस घटना में किसी के हताहत होने या जहाज को नुकसान पहुंचने की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियां घटना की निगरानी कर रही हैं और जहाज को अपनी यात्रा जारी रखने की अनुमति दे दी गई है। घटना की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है। हालांकि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर पहले से ही गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं। यमन में सक्रिय Houthi Movement (हूती विद्रोहियों) ने हाल ही में घोषणा की थी कि वे लाल सागर और आसपास के जलक्षेत्रों से गुजरने वाले इजराइल से जुड़े जहाजों को फिर से निशाना बनाएंगे। दूसरी ओर, अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र के निकट सक्रिय Somali Pirates की गतिविधियों में भी हाल के महीनों में वृद्धि देखी गई है। इसलिए सुरक्षा विशेषज्ञ अभी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि हमले के पीछे हूती विद्रोही थे या समुद्री डाकू।

 

Gulf of Aden और Red Sea दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल हैं। एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के बीच बड़ी मात्रा में तेल, गैस और अन्य सामान इसी रास्ते से गुजरते हैं। पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में हुए हमलों के कारण कई शिपिंग कंपनियों को अपने मार्ग बदलने पड़े हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और परिवहन लागत पर भी असर पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अदन की खाड़ी में यह ताजा घटना दर्शाती है कि क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा का खतरा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। लाल सागर संकट, यमन संघर्ष और सोमाली समुद्री डकैती की वापसी ने अंतरराष्ट्रीय नौवहन उद्योग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां हमलावरों की पहचान और घटना के पीछे के मकसद का पता लगाने में जुटी हैं। 

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