Edited By Tanuja,Updated: 14 Jul, 2026 05:38 PM

ईरान ने ISIS के दो सदस्यों मोहिद्दीन अब्दुल्लाही और हुसैन पलानी को देश के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह और आतंकी हमलों की साजिश का दोषी ठहराकर फांसी दे दी। दोनों इराक-सीरिया में ISIS की हार के बाद बने नेटवर्क से जुड़े थे और ईरान में हमले की योजना बना रहे थे।
International Desk: ईरान ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकी संगठन Islamic State> (ISIS) के दो सदस्यों को फांसी दे दी है। दोनों को ईरान के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह छेड़ने और देश के भीतर आतंकी हमलों की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया था। ईरान के सरकारी टेलीविजन के मुताबिक, दोषियों की पहचान मोहिद्दीन अब्दुल्लाही और हुसैन पलानी के रूप में हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों आतंकी उस ISIS सेल का हिस्सा थे, जो इराक और सीरिया में संगठन की हार के बाद सक्रिय हुआ था। यह नेटवर्क ईरान के भीतर बड़े आतंकी हमलों की योजना बना रहा था।
ईरानी सुरक्षा एजेंसियों को इराक सीमा के पास बामो पहाड़ी क्षेत्र में आतंकियों के ठिकाने की जानकारी मिली। इसके बाद ईरानी और इराकी सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान चलाया। अभियान के दौरान कई ISIS आतंकी मारे गए, जबकि कई अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के तीन जवान भी शहीद हो गए। सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य सैन्य सामग्री भी जब्त की। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो आतंकी संगठन ईरान में बड़े हमले कर सकता था।
ईरान के सर्वोच्च न्यायालय ने दोनों आतंकियों को देश के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का दोषी मानते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद दोनों को मौत की सजा दी गई। हालांकि, अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि फांसी किस स्थान पर दी गई। ईरान लंबे समय से ISIS और अन्य चरमपंथी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करता रहा है। हाल के वर्षों में सुरक्षा एजेंसियों ने कई आतंकी साजिशों को नाकाम करने का दावा किया है।